दु:खद : राजकीय शिक्षक संघ उत्तरकाशी के पूर्व जिलाध्यक्ष परमार का निधन

(जगमोहन सिंह चौहान ) उत्तरकाशी, राजकीय शिक्षक संघ उत्तरकाशी के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरवीर सिंह परमार का 67 वर्ष की उम्र में हृदय गति रुकने से असामयिक निधन हो गया। वे वर्ष 2010-13 में संगठन के अध्यक्ष रहे, जिन्होंने अपनी अनोखी छवि एवं कार्यशैली से शिक्षकों के लिये कई सकारात्मक कार्यो की परिणीति में नई इबारत लिखी। पूरे प्रदेश में संगठन के प्रति उनके योगदान के लिये उन्हें संगठन के भीष्म पितामह के रूप में याद किया जाता है। सन् 2014 में कीर्ति इन्टर कालेज उत्तरकाशी से सेवानिवृत्त हुए, शिक्षकों के साथ स्थानीय लोग उनकी जिंदादिली के उदाहरण पेश करते थे और आज भी उत्तरकाशी से उनका जुड़ाव लगातार बना रहा। ग्राम सर्प चिन्यालीसौड़ के मूल निवासी परमार जी वर्तमान में देहरादून के मोथरोंवाला में निवास करते थे, रात्रि करीब 8.30 पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, और कुछ ही समय में वे इस दुनिया को छोड़ कर चले गए। उनका बेटा पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी देहरादून में प्रोफेसर है तथा बहू रा. इ. कालेज श्रीकोट उत्तरकाशी में शिक्षिका हैं |

उनके निधन से आहत राजकीय शिक्षक संघ उत्तरकाशी एवं अनेक शिक्षकों व समाज के विभिन्न वर्गों के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से मृत आत्मा की शांति की कामना व शोक संदेश भेजे जा रहे हैं। उत्तरकाशी से राकेश रमोला, उपेंद्र भंडारी, मनोज परमार, सेवानिवृत्त अध्यापक श्री प्रेम सिह पंवार सोबत सिह नेगी प्रदीप परमार, शकल रमोला, अरविंद पँवार, अर्जुन पँवार, समस्त कीर्ति इ0 कालेज परिवार, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान, वर्तमान महामंत्री सोहन माजिला, शिव सिंह नेगी, रविन्द्र सिंह राणा आदि ने इस घटना पर दुःख व्यक्त किया है, संवेदना व्यक्त करने वालों में गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवान, वर्तमान विधायक गोपाल सिंह रावत, यमुनोत्री के विधायक केदार सिंह रावत, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य कुलदीप बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार लोकेंद्र बिष्ट, ढूंढा (Dunda) विकासखंड के पूर्व प्रमुख Kanak pal Pawar, पर्वतीय शिक्षक कर्मचारी संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष यशोदा राणा आदि जनप्रतिनिधियों ने स्वर्गीय परमार जी की मृत्यु पर अपनी संवेदनाएं प्रकट की है।