भारतीय खेल प्राधिकरण के पूर्व राष्ट्रीय प्रशिक्षकों ने भी किया विलय के प्रस्ताव का विरोध

त्तराखंड खेल विभाग के विलय के प्रस्ताव का भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से सेवा निर्वित पूर्व राष्ट्रीय कोच गुरफूल सिंह, दयाल सिंह रावत, प्रिंस विपिन और वाशु थपलियाल ने भी विरोध किया है !
एथलेटिक के पूर्व अंतराष्ट्रीय कोच गुरफूल सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में ऐसी क्या जरूरत आ गई कि तकनीकी के क्षेत्र में दक्ष खेल विभाग को किसी दूसरे विभाग में मिलाया जा रहा है, उन्होंने कहा खेलों के संचालन के लिये योग्यता का पैमाना वैज्ञानिक है इसलिये इस विभाग का स्वतंत्र अस्तित्व बना रहना जरूरी है !

टेबल टेनिस के राष्ट्रीय कोच और भारतीय टेबल टेनिस टीम के चयनकर्ता साई के टेबल टेनिस खेल के एक्सपर्ट प्रिंस विपिन ने विलय के प्रस्ताव को राज्य के हित में ना होना करार दिया, उन्होंने खेल हित में खेल विभाग बने रहने का सुझाव दिया !
     फुटबॉल के पूर्व राष्ट्रीय कोच भारतीय खेल प्राधिकरण से नाता रखने वाले दयाल सिंह रावत ने खेल विभाग व अन्य विभाग द्वारा सरकार को गुमराह करने का आरोप अपनी पोस्ट में लगाया है, उन्होंने कहा कि इन विभाग के अधिकारियों की चुप्पी ने इस मामले को पेचीदा बनाया और खेल मंत्री को अपने फायदे के लिये गुमराह किया है ! उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर खेल खिलाड़ियों के सम्मान की अपील की है !

हाकी के पूर्व राष्ट्रीय कोच वाशु थपलियाल ने कहा उत्तराखंड में स्पोर्ट्स की स्थिति अच्छी नहीं है यदि खेल कूद के क्षेत्र में उत्तराखंड का नाम रोशन करना है तो खेल विभाग को बनाएं रखना होगा, इस बारे वह मुख्यमंत्री से भी वार्ता करेंगे और प्रदेश में खेलों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव देंगे !
         उल्लेखनीय है कि खेल विभाग के विलय के प्रस्ताव का पूरे प्रदेश में विरोध हो रहा है और इस बारे में कई अंतरास्ट्रीय खिलाड़ी और खेल संघ अपना विरोध प्रकट कर चुके हैं !