भारत में आ गये राफेल, वाटर कैनन से हुआ स्वागत, पीएम ने किया राफेल लैंडिंग का वीडियो शेयर

अम्बाला, लंबे इंतजार के बाद फाइटर जेट राफेल आज बुधवार को भारतीय जमीन पर पहुंच गया. राफेल जैसे अत्याधुनिक फाइटर के भारतीय वायुसेना का हिस्सा बनने पर भारतीय सेना में बेहद खुशी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खास अंदाज में राफेल का स्वागत किया। पीएम मोदी ने अंबाला में राफेल की लैंडिंग का वीडियो शेयर किया। इतना ही नहीं उन्होंने संस्कृत में एक संदेश भी लिखा। साथ ही पीएम ने भारतीय वायु सेना का ध्येय वाक्य ‘नभः स्पृशं दीप्तम’ यानी ‘आप का रूप आकाश तक दमक रहा है’ भी लिखा।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च।। इसका मतलब होता है, राष्ट्र की रक्षा के समान कोई पुण्य नहीं है। राष्ट्र की रक्षा से बढ़ा कोई व्रत नहीं है, राष्ट्र रक्षा से बढ़कर कोई यज्ञ नहीं है।

 

पूर्व सेनाध्यक्ष बोले- राफेल के आने से दुश्मन को डर लग रहा होगा

पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल जेजे सिंह ने कहा कि हर देशवासी का हृदय बाग-बाग हो गया है. जो हमारे दुश्मन है अब उनको डर लग रहा होगा.  आज का दिन बेहद खास है. आज वायुसेना को ऐसी शक्ति मिली है जो उन्हें मजबूती प्रदान करेगी. वायुसेना का इससे मनोबल भी बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि अगर युद्ध होगा तो हमें इस कारगर जहाज की बहुत मदद मिलेगी.

राफेल के आने के बाद क्षेत्र में किस तरह का असर पड़ेगा, इस पर पूर्व सेनाध्यक्ष जेजे सिंह ने कहा कि पहली नजर पर हम मानसिक रूप से मजबूत हो गए हैं. जैसे-जैसे ये आते जाएंगे हमारी क्षमता और मजबूत होती जाएगी. यह फोर्स मल्टीप्लायर है. उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में यह सबसे उन्नत किस्म का विमान है. ऐसा विमान न तो पाकिस्तान के पास है और न ही चीन के पास.

उन्होंने आगे कहा कि अब राफेल आ गया है और जैसे-जैसे यह आता जाएगा हमारी क्षमता और बढ़ती जाएगी. हम अपनी सीमा और क्षेत्र को महफूज रख सकते हैं.

यह बहुत बड़ा संदेशः रक्षा विशेषज्ञ

राफेल को लेकर अब देश में क्रेडिट वार शुरू हो गया और कांग्रेस कह रही है कि इस विमान को लेकर शुरुआत हमने की थी, इस पर पूर्व सेनाध्यक्ष जेजे सिंह कहते हैं कि जब हमारी फौज की क्षमता बढ़ती है तो इसका क्रेडिट किसी को नहीं लेना चाहिए. शुरुआत में राफेल को लेकर देश में जमकर विवाद हुआ और आज इसके भारत आने को लेकर रक्षा विशेषज्ञ और विंग कमांडर (रिटायर) वार्लिन पंवार ने आजतक के साथ खास बातचीत में कहा कि किसी चीज का हम बहुत इंतजार कर रहे हों और राजनीतिक विवाद की वजह से मामला अटक जाए. तो यह सही नहीं होता. लेकिन कोरोना महामारी और चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच राफेल का आना एक बहुत बड़ा संदेश है.राफेल की ताकत हासिल करने वाला भारत दुनिया का केवल चौथा देश - UP18News