पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वर्चुवली किया रामलीला का उद्घाटन

रामजन्म,ताडका वध रहे मुख्य आकर्षण

अल्मोडा , भुवनेश्वर महादेव रामलीला कमेटी कर्नाटक खोला अल्मोडा में इस वर्ष की रामलीला का विधिवत् शुभारम्भ दिनांक 17.10.2020 को कियाा गया। जिसमें रावण तपस्या,देवगण स्तुति,रावण अत्याचार,राम जन्म,ताडका वध,सुबाहु उद्वार और गौरी पूजन तक की लीला का भव्य मंचन किया गया। जैसा कि विदित है कि कोरोना संक्रमण के दौरान केवल कर्नाटक खोला में ही रामलीला का आयोजन किया जा रहा है । जिसका वर्चुवल प्रसारण रामलीला के फेसबुक और यू-ट्यूब एकाउन्ट से किया जा रहा है ।

सर्वप्रथम इस वर्ष की रामलीला का शुभारम्भ प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री हरीश रावत ने वर्चुवली ही किया तथा रामलीला कमेटी को बधाई प्रेषित की और कोरोना संक्रमण के दौरान रामलीला के भव्य मंचन हेतु कमेटी के संस्थापक/संयोजक पूर्व मंत्री श्री बिट्टू कर्नाटक को अग्रिम शुभकामनायें दी और इस प्रयास की सराहना की और कहा कि जहां कोरोना काल में रामलीला का मंचन कर पाना मुश्किल हो रहा है वही श्री कर्नाटक के प्रयासों से कर्नाटक खोला में रामलीला का सफल मंचन होने जा रहा है ।

अल्मोडा जनपद में केवल कर्नाटक खोला अल्मोडा में ही वर्चुवल रामलीला का आयोजन किया जा रहा है जिसका दर्शकों और आयोजकों में भी भारी उत्साह देखने को मिला,कमेटी द्वारा प्रसारण हेतु और परिसर में कोरोना संक्रमण के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुये समस्त तैयारियां की गयी हैं । जिसमें पुलिस प्रशासन द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया और स्थानीय जनता को आग्रह करते हुये यह निर्देश दिये गये कि वे घर से रामलीला मंचन का आन-लाईन आनंद लें ।
प्रथम दिवस की लीला में रावण,कुम्भकर्ण और विभीषण द्वारा तपस्या एवं वरदान प्राप्त करना,रावण अत्याचार,देवगण स्तुति,राम -सीता आदि का जन्म,ताडका वध,सुबाहु वध तथा गौरी पूजन तक की लीला का मचंन किया गया । समस्त कार्यक्रमों का दर्शकों ने वर्चुवली
आनन्द उठाया और संदेशोें के माध्यम से रामलीला कमेटी के इस प्रथम प्रयास की काफी सराहना की । रावण के कलाकार पूर्व मंत्री श्री बिट्टू कर्नाटक,कुम्भकर्ण श्री सन्तोष जोशी,विभीषण श्री राहुल जोशी,शिव की भूमिका में श्री जितेन्द्र काण्डपाल,पार्वती-कु.दिव्या जोशी,राम-कु.दिव्या पाटनी,लक्ष्मण- कु.शगुन त्यागी,सीता-कु.किरन कोरंगा,दशरथ-श्री मनीष तिवारी,ताडका-श्री दीपक गोस्वामी,सुबाहु-श्री अमर बोरा,मारीच-श्री गोकुल सिंह आदि ने जीवन्त अभिनय किया ।