दिल्ली में फिर सनसनी, भजनपुरा इलाके में स्थित घर से मिले पांच शव

नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली में फिर से दिल दहलाने वाली एक घटना सामने आई है. उत्‍तर-पूर्व दिल्‍ली के भजनपुरा इलाके में स्थित एक घर से पांच लोगों के शव बरामद किए गए हैं. जानकारी के मुताबिक, ये शव कुछ दिन पुराने हैं और उन्‍हें क्षत-विक्षत हालत में बरामद किया गया है. इस घटना के सामने आने से आपसपास के इलाके में हड़कंप मच गया है. बरामद शवों की पहचान शंभु कुमार, सुनीता देवी, शिवम, सचिन और कोमल के तौर पर की गई है.

भजनपुरा इलाके में सड़ी-गली हालत में जो लाशें मिली हैं, उसके बारे में पुलिस ने बताया कि ये पति-पत्नी और तीन बच्चों के शव हैं. पुलिस के मुताबिक शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा है. पुलिस का कहना है कि बच्चों की उम्र 18, 16 और 12 साल के आसपास है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक पति बैटरी रिक्शा चलाता था. परिवार पहले B ब्लॉक में रहते थे और जूस की दुकान थी. करीब 8 महीने पहले ही शम्भू जायसवाल ने ई-रिक्शा खरीदा था. एक बेटा शिवम 18 साल का था और 12वीं क्लास में पढता था. दूसरे बेटे का नाम सचिन (15) और बेटी का नाम मुस्कान (13) था. परिवार बिहार के सोपोर जिले का रहने वाला है.

उधर जॉइंट सीपी का कहना है की पति पत्नी की लाश अलग कमरे में थी और तीनों बच्चो की लाश अलग कमरे में. शवों की हालत देखकर लग रहा है कि मृत्यु को थोड़ा समय हो गया है. घर के बाहर ताला लगा था लेकिन फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. घर के अन्दर से लूटपाट के भी सुराग नहीं मिले हैं. कुछ समय पहले ही यह परिवार इस मकान में किराए पर रहने के लिए आया था. पति-पत्नी के अलावा उनके तीन बच्‍चे भी साथ में रह रहे थे. शंभूनाथ (43) अपनी पत्नी सुनीता (38) और बेटी कोमल (16) के अलावा बेटा सचिन (14) और छोटे बेटे शिवम के साथ रह रहे थे. मकान में बाहर से ताला लगा हुआ था. मकान से बदबू आने पर पड़ोसियों को शक हुआ और इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने ताला तोड़कर घर के अंदर दाखिल हुई तब जाकर इस चौंकाने वाली घटना का पता चला.

बुराड़ी में शव मिलने से मचा था हड़कंपआपको बता दें कि वर्ष 2018 में नॉर्थ दिल्ली के बुराड़ी के संत नगर इलाके में एक ही परिवार के 11 लोगों की लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह परिवार मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला था. यह परिवार संत नगर में ग्रॉसरी शॉप और प्लाइवुड का बिजनेस करता था. रविवार को रोज की तरह सुबह 6 बजे जब ग्रॉसरी की दुकान नहीं खुली तो शायद ही किसी को अंदाजा रहा होगा कि इस परिवार के 11 लोग कभी न जगने वाली नींद सो चुके हैं.