जानिए लॉकडाउन में कितने मकान मालिकों ने छोड़ा किराया या भुगतान के लिए किरायेदार को दिया समय

कोरोना वायरस महामारी की वजह से 16 प्रतिशत मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों का दो महीने का किराया माफ कर दिया है। वहीं 41 प्रतिशत ने किरायेदारों को भुगतान के लिए और समय दिया है। एक सर्वे में यह तथ्य सामने आया है।

इस महामारी की वजह से बड़ी संख्या में लोगों के समक्ष वित्तीय संकट पैदा हो गया है। यह सर्वे इन्फोएज इंडिया लि. की संपत्ति क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी 99एकड़ डॉट कॉम ने किया है। सर्वे में 49,600 मकान मालिकों और ब्रोकरों की राय को शामिल किया गया है।

पोर्टल ने एक बयान में कहा है कि इस संकट के समय ज्यादातर मकान मालिक किरायेदारों की मदद कर रहे हैं। 44 प्रतिशत ने किराये में बढ़ोतरी नहीं की है, 41 प्रतिशत ने किराया चुकाने के लिए और समय दिया है और 16 प्रतिशत ने दो महीने का किराया माफ कर दिया है। इस पोर्टल पर मालिकों और ब्रोकरों द्वारा 10 लाख से अधिक आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियां सूचीबद्ध हैं।

सर्वे के अनुसार, बाजार में सुस्ती के बावजूद 76 प्रतिशत संपत्ति मालिक अब भी अपनी संपत्ति को किराये पर देने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं 24 प्रतिशत ने फिलहाल किरायेदारों की तलाश बंद कर दी है। संपत्ति किराये पर देने के इच्छुक 54 प्रतिशत मालिकों का मानना है कि किराये में कमी आएगी। वहीं 11 प्रतिशत को लगता है कि आगे किराया बढ़ेगा।

मकान या संपत्ति बेचने को इच्छुक 80 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वे संभावित खरीदार की तलाश जारी रखेंगे। वहीं 20 प्रतिशत ने कहा कि फिलहाल उन्होंने अपनी संपत्ति को बेचने का इरादा छोड़ दिया है। ( Hindustan)