सेना के फर्जी दस्तावेज बनाकर विदेश भेजने वाला गिरोह का पर्दाफाश, तीन को किया गिरफ्तार

देहरादून, नौकरी के नाम पर लोगों को फर्जी दस्तावेज के द्वारा विदेश भेजने का सिलसिला काफी समय कर रहे युवक अब पुलिस की गिरफ्त में आ गये | राज्य एसटीएफ ने सेना के फर्जी दस्तावेज बनाकर युवकों को अफगानिस्तान, पाकिस्तान, दुबई व इराक भेजने वाले तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के आतंकवादी संगठनों से संबंध होने की आशंका के पहलू से भी मामले की जांच की जा रही है।

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि दून में कुछ लोग सेना से संबंधित दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार कर युवकों को विदेश भेज रहे हैं। इस पर एसटीएफ व आर्मी इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू कर दी। टीम को सूचना मिली कि विक्की थापा नाम का व्यक्ति जोकि दूधली रोड मोथरोवाला में रहता है, वह सेना के फर्जी दस्तावेज बनाकर युवकों को विदेश भेजने की तैयारी कर रहा है। इस पर टीम ने विक्की व उसकी निशानदेही पर राजपुर क्षेत्र के जोहड़ी गांव निवासी रघुबीर को हिरासत में लेकर पूछताछ की और रघुवीर सिंह के घर से सेना से संबंधित कुछ दस्तावेज, 20 मोहरें व 90 सेना की डिस्चार्ज बुक, जिनमें 44 पुस्तकें भरी हुई थी, बरामद कीं।

रघुबीर सिंह ने पूछताछ में बताया कि वह सेना के फर्जी दस्तावेज भैरवदत्त कोटनाला की बंजारावाला स्थित ओम जय श्री प्रिंट एंड स्टेशनरी नाम की प्रिंटिंग प्रेस से तैयार कराए जाते हैं। पुलिस ने भैरवदत्त के घर पर जाकर उससे प्रिंटिंग प्रेस के बारे में पूछताछ की। कंप्यूटर की जांच पड़ताल से सेना की भर्ती दस्तावेजों की प्रिंटिंग इस प्रेस में होने की पुष्टि हुई। वहां पर ली गई तलाशी पर प्रिंट हुई सेना की कुछ पुस्तकें भी बरामद की गई। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपितों में विक्की निवासी दूधली, रघुवीर सिंह निवासी जोहड़ी राजपुर व भैरवदत्त कोटनाला निवासी पंचायत भवन रोड बंजारावाला के रूप में हुई है। आरोपितों के पास से सेना की 100 खाली डिस्चार्ज बुक, 135 सर्टिफिकेट, आठ पुस्तिकाएं भरी हुई, 67 पुस्तिकाएं खाली, 59 पुस्तिका डिस्चार्ज बुक नीली, 48 पुस्तकाएं हरी, 44 बुक भरी हुई, सेना के कार्यालय के विभिन्न अधिकारियों की 20 मोहरें व दो पैड, चार मोबाइल फोन व एक कंप्यूटर बरामद हुआ है।