जिलाधिकारी ने फेसबुक के माध्यम से किया चैम्पियन ऑफ चेंज कार्यक्रम का आयोजन

हरिद्वार 10 जून (कुलभूषण)  जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन हरिद्वार द्वारा आयोजित फेस बुक लाइव के माध्यम से चैम्पियन आफ चेंज  कार्यक्रम की दूसरी कड़ी में बोलते हुये कहा कि लगभग डेढ़ साल की अवधि में कोविड की चुनौती चली आ रही है। ऐसे में कोविड के नियमों का पालन करते हुये  उद्योगो   का संचालन अपने आप में एक चुनौती हैए क्योंकि इन उद्योगो   से दो लाख से अधिक कामगार जुड़े हुये हैं तथा इन उद्योगो   से उत्पादित माल पूरे देश में किसी न किसी रूप में पहुंचता है।

जिलाधिकारी ने चैम्पियन आफ चेंज कार्यक्रम में जनपद के औद्योगिक घरानों हीरो मोटोकार्प महिन्द्रा आई टी सी विप्रो गोदरेज रिलेक्सो टी सी पी एल हिन्दुस्तान लीवर लोटस एक्साइड एवरेडी इण्डो एशियन आदि का जिक्र करते हुये कहा कि इन्होंने जब जहां पर जैसी आवश्यकता हुई उसके अनुसार अपना सहयोग आपदा के समय दिया है जिसे वरदान की संज्ञा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि चुनौती के समय प्रशासन के द्वारा सहयोग की अपेक्षा करने पर इन घरानों    द्वारा  तुरन्त सकारात्मक सहयोग देने से तात्कालिक उत्पन्न तनाव काफी कम हो जाता है। मैं इन्हें चैम्पियन आफ चेंज के रूप में देखता है।

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित चैम्पियन आफ चेंज अरूण सारस्वत प्रेसीडेंटए सिडकुल इण्डस्ट्रियल एसोसिएशन ने बोलते हुये कहा कि सिडकुल में जितने भी   उद्योग   हैं वे मानवीय कार्यों के लिये हमेशा बढ़ चढ़कर सहयोग करते हैं।
हरिन्दर गर्गए प्रेसीडेंटए सिडकुल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन आफ उत्तराखण्ड ने कहा कि संकट के समय मदद करना हमारी परम्परा रही है। चाहे वह केदारनाथ की आपदा हो या कोविड की महामारी हमने हर मौके पर मदद की है। इस सहायता में छोटे उद्योगो   की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

जिलाधिकारी ने चैम्पियन आफ चेंज  कार्यक्रम में फार्मा एसोसिएशन का जिक्र करते हुये कहा कि प्रशासन को एसोसिएशन की ओर से हर समय पूरी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि अम्बुजा ने भगवानपुर में सहयोग दिया है आई टी सी ने भी काफी सहयोग दिया है तथा बाबा बर्फानी अस्पताल को 430 बेड इण्डस्ट्रीज की ओर से मिले हैं।

जिलाधिकारी सी रविशंकर ने इस अवसर पर यह भी कहा कि उद्योग व सरकार के आपसी समन्वय से ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिये कि तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत जो छात्र हैं उनका पाठ्यक्रम इस तरह का हो कि वह उद्योगों की तकनीक से जुड़ा होए ताकि इन संस्थानों से अध्ययन पूरा करने के बाद वे सीधे उद्योगो   से जुड़ सकें और उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो। इस तरह योजना बनाने से कौशल विकास में उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
जिलाधिकारी ने टोकन आफ रिस्पेक्ट के रूप में अतिथि अरूण सारस्वत एवं श्री हरिन्दर गर्ग को हरकीपैड़ी की तस्वीर व अपने हस्ताक्षर से युक्त   स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस अवसर पर आर एम सिडकुल गणपति सिंह रावत मुख्य उद्यान अधिकारी नरेन्द्र यादव महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र पल्लवी गुप्ता सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे