जिलाधिकारी ने बहुउद्देशीय शिविर में 83 जन समस्याओं का किया निपटारा

देहरादून। जिलाधिकारी की अध्यक्षता राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रानीपोखरी, डोईवाला में आयोजित “बहुउद्देशीय शिविर में 83 जन समस्याओं की सुनवाई की गयी | शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं का पंजीकरण के पश्चात अधिकतर जन समस्याओं का जिलाधिकारी द्वारा मौके पर संबंधित विभाग के अधिकारी को निस्तारण के निर्देश दिए गए तथा कुछ समस्याओं का समाधान संबंधित विभागों को भौतिक निरीक्षण करते हुए उसको निर्धारित समय के अधीन निस्तारण के निर्देश दिए। अधिकतर शिकायतें आवारा पशुधन एवं वन्यजीवों से फसल की सुरक्षा के संबंध में प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त सड़क, पेयजल, पेंशन, स्वास्थ्य, सोलर लाइट डिमांड, राजस्व विभाग के भूमि विवाद से संबंधित समस्याएं मुख्य रूप से सामने आई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आज प्राप्त हुए आवेदनों के संबंध में 15 दिन के भीतर उनका उचित निराकरण करने और जिन प्रकरणों में भौतिक निरीक्षण किया जाना है उनका भी तेजी से निराकरण करते हुए 1 माह के भीतर संबंधित आवेदक को भी उसके निस्तारण अथवा निस्तारण न होने की दशा में उसका स्पष्ट कारण अंकित करते हुए अवगत कराने के निर्देश दिए। आवारा पशुधन से फसल व यातायात सुरक्षा के संबंध में जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग, ग्रम्म्य विकास विभाग, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, नगर निगम और वन विभाग को संयुक्त रूप से क्षेत्र में गौशाला के निर्माण हेतु भौतिक सर्वे करते हुए 15 दिन से 1 माह के भीतर भूमि चयनित करते हुए गौशाला निर्माण की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए, जिसमें आवारा पशुओं को रखा जाएगा। इसके लिए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करते हुए निर्देशित किया कि उद्यान एवं पशुपालन विभाग से समन्वय करते हुए गौशाला में रखे जाने वाले पशुओं के लिए चरागाह की व्यवस्था करें तथा उरेडा विभाग के समन्वय से स्थल पर बायोगैस प्लांट लगवाने हेतु जरूरी समन्वय करते हुए वित्तीय आपूर्ति और अन्य के संबंध में होमवर्क करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम प्रधान को गौशाला के संचालन हेतु स्थानीय लोगों को प्रेरित करने की अपील की तथा इसके लिए लोगों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने इस संबंध में पशुपालन विभाग को पशुधन का सही डेटा जुटाते हुए पशुओं के पहचान- चिन्न लगाने को कहा ताकि पशु को आवारा छोड़ने पर संबंधित मालिक पर कानूनी कार्रवाई करने में आसानी हो। साथ ही उन्होंने पुलिस विभाग को भी बिना अनुमति के पशुओं को इधर-उधर ले जाने पर प्रतिबंध लगाने को कहा जिससे कोई भी पशुओं को आवारा ना छोड़ सके और यदि कोई पशुओं को आवारा छोड़ता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने तथा वन्यजीवों से फसलों की सुरक्षा के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस संबंध में वन विभाग द्वारा 15 खरीदी गई एनिमल फार्म प्रोजेक्ट मशीनों की संख्या को बड़ी मात्रा में बढ़ाया जाए और इसकी और डिमांड करते हुए प्रस्ताव बनाएं तथा जिन स्थानों पर वन्यजीवों से फसल सुरक्षा और मानव वन्यजीव संघर्ष की अधिक संभावना रहती है वहां पर इसको लगाने के निर्देश दिए। क्योंकि पूर्व में किए गए इसके परीक्षण के अच्छे परिणाम सामने आ चुके हैं जिसमें सायरन बजने से वन्यजीव आबादी और फसली खेतों के निकट नहीं आते हैं।
जिलाधिकारी ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि न्याय पंचायतवार रोस्टर बनाते हुए कैंप लगाकर श्रमिक कार्ड बनाएं तथा इसकी सूचना पहले से ही लोगों को उचित माध्यम से दी जाए। उन्होंने बाल विकास विभाग को प्रत्येक इंटर कॉलेज में सेनेटरी नैपकिन के प्रॉपर डिस्पोजल हेतु इंसुरेटर मशीन लगाने के निर्देश दिए। आजीविका समूह द्वारा तैयार उत्पादों के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि जो भी खाद्य एवं अन्य प्रकार के उत्पाद समूह द्वारा बनाए जाते हैं उसमें लेवलिंग व सैंपलिंग का भी ध्यान रखा जाए, साथ ही उसमें उत्पाद के निर्माण और एक्सपायर तिथि का भी अंकन किया जाए। जिलाधिकारी ने लोगों की डिमांड के अनुसार क्षेत्र में एक आधार कार्ड केंद्र खोलने के संबंधित विभाग को निर्देश दिए। उन्होंने उरेडा और यूपीसीएल को टॉप सोलर फेस II का ग्राउंड स्तर पर प्रचार प्रसार करते हुए लोगों को व्यापक पैमाने पर इसको आवेदन करने के लिए प्रेरित और जागरूक करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी विभिन्न स्थानों पर रोस्टरवार इसी तरह बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाए, जिसमें जनपद के विभागीय जिम्मेदार अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे तथा समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के प्रयास करेंगे। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा लोगों की जन जागरूकता और डेमो हेतु लगाई गई स्टॉल/ प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग व उद्यान विभाग द्वारा बीज, कृषि उपकरण तथा पौध उत्पादन इत्यादि का व्यापक पैमाने पर उत्पादन और विभिन्न क्षेत्रों में इसका प्रचार-प्रसार व वितरण करने के निर्देश दिए। इसी दौरान जिलाधिकारी ने जीआईसी इंटर कॉलेज के जीर्ण -शीर्ण भवन का भी भौतिक निरीक्षण करते हुए उपजिलाधिकारी तथा प्रधानाचार्य को निर्देश दिए कि भवन के निर्माण व सुधारीकरण का ग्रामीण निर्माण विभाग (RES) के माध्यम से प्रस्ताव तैयार करें तथा इसकी प्रगति के संबंध में उन्हें भी अवगत कराएं। इस दौरान बहुउद्देशीय शिविर में राज्यमंत्री स्तर दर्जा प्राप्त करन बोहरा, मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत, उप जिलाधिकारी डोईवाला व ऋषिकेश, ग्राम प्रधान रानीपोखरी सुधीर रतूड़ी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में सामान्य जनता उपस्थित थे।