पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर भीड़ का पथराव, पुलिस ने की कार्रवाई

नई दिल्ली। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति किसी से छुपी नहीं है। उनके दमन की घटनाएं आने दिन सामने आती है। एक बार फिर से पाकिस्तान में सिखों पर अत्याचार किया जा रहा है। सिखों के सबसे पवित्र धर्मस्थल को कब्जाने की कोशिश की जा रही है। पाकिस्तान के ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर सैकड़ों लोगों की भीड़ ने पत्थरबाजी की। सौकड़ों की तादात में गुरुद्वारे के बाहर खड़े लोगों ने गुरुद्वारे को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। गुरुद्वारे के भीतर सिख समुदाय के लोग फंसे हुए है।

सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गुरुद्वारा के बाहर खड़ा एक कट्टरपंथी सिखों को ननकाना साहिब से भगाने के बारे में कह रहा है। धर्मस्थल को कब्जाने की बात कर रहा है और पवित्र स्थल का नाम बदलकर गुलाम अली मुस्तफा करने की धमकी दे रहा है। ननकाना साहिब पर हमले की आशंका से सिख समुदाय के कई लोग घरों में छिपे हुए हैं।

भारत ने पाकिस्तान सरकार से फौरन इस मामले में दखल देने की अपील की है। वहीं सिख समुदाय के लोगों की सुरक्षा की बात कही है। विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हमले बयान जारी करते हुए पाकिस्तान की सरकार से मामले में उचित कार्रवाऊ की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा कि पिछले साल ननकाना साहिब की एक सिख लड़की जगजीत कौर को अगवा कर जबरन धर्मांतरण कर उसका निकाह कर दिया गया। इस मामले के आरोपी मोहम्मद हसन का परिवार ही गुरुद्वारा के बाहर मौजूद भीड़ का नेतृत्‍व कर रहा है। ननकाना साहिब गुरुद्वारे में ग्रंथी का आरोप है कि उनकी बेटी जगजीत कौर को कुछ लोगों ने जबरन अपहरण कर उसका धर्म परिवर्तन करवाकर निकाह करावा दिया। इस मामले के सामने आने के बाद से ही सिख समुदाय के लोग आक्रोशित है।

पाकिस्तान में सिख समुदाय पर हो रहे इस अत्याचार और पवित्र स्थल ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हमले को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन सीएम अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मामले में तुरंत कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने गुरुद्वारे में फंसे हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की है।