कोरोना वायरस : भारत में पहली मौत, मलयेशिया से केरल लौटे संदिग्ध ने तोड़ा दम, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में भी गयी जान

नयी दिल्ली/बीजिंग : चीन में फैले घातक कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया को डराने लगा है. अब तक 62 देशों में यह वायरस पांव पसार चुका है. चीन से ज्यादा अब दूसरे देशों इसके मामले सामने आ रहे हैं. दुनिया भर में 86,275 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं, जबकि 2,969 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी है. अकेले चीन में अब तक 2870 लोगों की मौत हो चुकी है. चीन के हुबेई प्रांत में रविवार को 35 और लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 573 नये मामले सामने आये हैं.

इस बीच, केरल में रविवार को कोरोना के एक संदिग्ध मरीज ने दम तोड़ दिया. वह पिछले दिनों मलयेशिया से भारत लौटा था और एर्नाकुलम में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती था. पहली बार उसकी रिपोर्ट निगेटिव आयी थी. बावजूद इसके उसकी मौत हो गयी. हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि जब वह कोच्चि पहुंचा था, तो काफी बीमार था.

डॉक्टर के मुताबिक, मरने वाले व्यक्ति को डायबिटीज भी थी. माना जा रहा है कि भारत में कोरोना से पहली संदिग्ध मौत है. वहीं, इटली से भारत लौटी 27 वर्षीय छात्रा को कोरोना संक्रमण के संदेह में इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती किया गया है. युवती के ब्लड सैंपल जांच के लिए पुणे भेजे गये हैं.

अमेरिका, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी कोरोना वायरस से पहली मौत हुई है. अमेरिका में कोरोना के 62 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 15 लोग ठीक हुए हैं. हालांकि, मौत का पहला मामला वाशिंगटन से आया है. वहीं, जापानी क्रूज डायमंड प्रिंसेज से निकाले गये 78 वर्षीय व्यक्ति की रविवार को ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में मौत हो गयी. इधर, आयरलैंड में भी कोरोना से पहली मौत हुई है.

संक्रमण के डर से यूरोपीय नागरिकों ने बदला अभिवादन का तरीका

दुनिया को डराने लगा कोरोना

अमेरिका ने ईरान की यात्रा पर लगाया बैन. अपने नागरिकों से कहा- दक्षिण कोरिया और इटली जाने से भी बचें

मेक्सिको की सीमा बंद करने पर विचार कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप.

अफगानिस्तान से लगी सीमाओं को सात दिन के लिए बंद करेगा पाकिस्तान. सिंध, बलूचितस्तान में स्कूल बंद

जापान : डायमंड प्रिंसेज क्रूज जहाज में सवार 705 लोगों समेत 947 पीड़ित, अब तक 12 ने तोड़ा दम

चीन के बाद दक्षिण कोरिया में तेजी से फैल रहा वायरस. 586 नये मामले सामने आये. अब तक 3,736 लोग संक्रमित

अमेरिकी चिंतित : कोरोना के इलाज के लिए कहां से लायेंगे पैसा

अमेरिकियों को भी कोरोना का डर सताने लगा है. दुनिया के सबसे अमीर देश और बेहतरीन चिकित्सा सुविधा से लैस अमेरिका में करीब पौने तीन करोड़ गैर बीमित लोग हैं, जिन्हें इलाज पर आने वाले भारी भरकम खर्च की चिंता सता रही है. वाशिंगटन में रहने वाली 22 वर्षीय डांजले विलियम्स मानती है कि वह कोरोना से संक्रमित होने की स्थिति में इलाज का खर्च नहीं उठा पायेंगी.

उन्होंने कह कि निश्चित रूप से खर्च के चलते डॉक्टर के पास जाने से पहले दूसरे विकल्प पर विचार करूंगी. अगर ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो इलाज के लिए मेरे पास पर्याप्त जमा पूंजी नहीं है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अमीर देशों में कोरोना का खतरा अधिक है.

चीन के बाद दक्षिण कोरिया सबसे अधिक पीड़ित

देश संक्रमित लोग मौतें

चीन 79,824 2,870

दक्षिण कोरिया 3,736 17

इटली 1,128 29

ईरान 978 54

जापान 947 12

फ्रांस 100 02

हांगकांग 94 02

अमेरिका 62 01

देश संक्रमित लोग मौतें

थाईलैंड 42 01

ताइवान 39 01

ब्रिटेन 23 01

ऑस्ट्रेलिया 23 01

फिलीपींस 03 01

भारत 03 01

सिंगापुर 102 00

जर्मनी 66 00

वैश्विक स्थिति

2,969 लोगों की मौत अब तक दुनिया भर में हुई

86,275 लोग संक्रमित हैं पूरे विश्व में

39,781 लोग इलाज के बाद अब तक ठीक हो चुके हैं

54 लोगों की मौत अब तक ईरान में हो चुकी है, जो चीन के बाद सबसे ज्यादा है

नयी रिसर्च से खुलासा- चीन से बाहर हो सकता है कोरोना का केंद्र

कोरोना को लेकर दुनियाभर में तमाम शोध किये जा रहे हैं, लेकिन अभी तक इसके बारे में सही जानकारी नहीं मिल पायी है. जानकारों का कहना है कि कोरोना के ओरिजिन का पता लगाने कि लिए और रिसर्च कि जाने की जरूरत है. चाइनीज अकादमी ऑफ साइंसेज में एसोसिएट प्रोफेसर यू वेनबिन के मुताबिक, वुहान में हुआनन सीफूड मार्केट कोरोना वायरस का केंद्र नही हैं.

58 नये कोरोना वायरस के हैप्लोटाइप्स को H1-H58 नंबर दिये गये हैं. इन्हें 5 ग्रुप A, B, C, D और E में बांटा गया है, जिनमें A सबसे बड़ा और E सबसे छोटा वायरस है. हालांकि, हुबेई में सिर्फ ग्रुप C के कोरोना वायरस का ही पता लगा है. लेकिन, अमेरिका में इन पांचों ग्रुप के वायरस को देखा गया है.

कोरोना से सुधरी चीन की हवा, नासा ने जारी की तस्वीर

कोरोना से प्रभावित चीन में प्रदूषण की मात्रा में गिरावट आयी है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक सेटेलाइट तस्वीर जारी कर कहा है कि चीन में आर्थिक मंदी के कारण प्रदूषण कम हुआ है. इसमें चीन के प्रमुख शहरों के ऊपर नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के गिरते स्तर को दर्शाया गया है. नासा ने 2019 और 2020 के पहले दो महीनों की तुलना की है. वैज्ञानिकों ने कहा कि नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के स्तर में कमी मोटर वाहनों के कम चलने और आर्थिक गतिविधियां कम होने के कारण हुई है.