राफेल के बहाने कांग्रेस के ‘माउथ पीस’ ने बोफोर्स घोटाले पर लगाई मुहर

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नई दिल्ली : सभी राजनीतिक दलों के अपने-अपने मुखपत्र हैं और इन मुखपत्रों के जरिए पार्टी अपना अपना पक्ष रखती है और अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाती है. यानी मुखपत्र किसी दल की प्रतिष्ठा को बढ़ाने का काम करते हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए उसके मुखपत्र में छपा एक लेख जी का जंजाल बन गया है. इन लेख के प्रकाशित होते ही विरोधी दल कांग्रेस को घेर रहे हैं.

दरअसल, कांग्रेस का मुखपत्र कहे जाने वाले नेशनल हेराल्ड अखबार में एक लेख प्रकाशित हुआ है. इस लेख में राफेल डील का उल्लेख किया गया है. लेख का शीर्षक है ‘राफेड डील मोदीस् बोफोर्स’. यानी ‘राफेल- मोदी का बोफोर्स’ (घोटाला). इस लेख के प्रकाशित होते ही बीजेपी ने कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है. बीजेपी का कहना है कि राफेल के बहाने ही सही कांग्रेस ने यह तो माना कि बोफोर्स सौदे में घोटाला हुआ है.

सोशल मीडिया पर इस लेख को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष किए जा रहे हैं. हालांकि बोफोर्स का जिक्र केवल लेख के शीर्षक में ही दिया गया है. कांग्रेस राफेल वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की कीमत को लेकर मोदी सरकार को घेर रही है. कांग्रेस का कहना है कि राफेल डील में बीजेपी ने बड़ा घोटाला किया है और इसमें कुछ बिजनेसमैन को फायदा पहुंचाने के लिए कांग्रेस सरकार में हुई डील में तय कीमतों से ज्यादा कीमत पर राफेल सौदा किया गया है. हालांकि कांग्रेस के दामन में बोफोर्स तोप सौदा है जिसे लेकर कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठते रहते हैं. अखबार की हैडलाइन में यह लिखा है कि राफेल मोदी के लिए बोफोर्स है. यानी कांग्रेस मानती है कि बोफोर्स सौदे में घोटाला हुआ है.

संसद के मॉनसून सत्र में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल का मुद्दा उठाते हुए रक्षा मंत्री को भी घेरा था. उन्होंने कहा कि इस मामले में रक्षा मंत्री झूठ बोल रही हैं. इसके पलटवार में रक्षा मंत्री ने कहा कि राफेल की तुलना बोफोर्स से नहीं करनी चाहिए.