गढ़वाली पाठ्यक्रम शिक्षण को लेकर कार्यशाला का आयोजन

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में आज से सरकारी व निजी विद्यालयों में गढ़वाली पाठ्यक्रम शुरू हो गया। जहां एक ओर पहले दिन बच्चों में पाठ्यक्रम को लेकर उत्साह नजर आया तो वहीं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने पाठ्यक्रम को रोचक बताया।

पौड़ी के जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की पहल पर प्रदेश में गढ़वाली पाठ्यक्रम शुरू करने वाला पौड़ी पहला विकास खंड एवं पहला जिला बन गया है। इससे पहले शनिवार को बीआरसी पौड़ी में गढ़वाली पाठ्यक्रम शिक्षण को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमे समस्त सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों से पहुंचे प्रधानाचार्यां/शिक्षकों को पाठ्य पुस्तक वितरण कर सोमवार से विद्यालय में पढ़ाने को मुहुर्त रूप दिया।

जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल की पहल पर जिला प्रदेश में गढ़वाली पाठ्यक्रम शुरू करने वाला पहला विकास खंड बन गया है। सोमवार को पौड़ी ब्लाक के 79 विद्यालयों में पाठ्यक्रम का शिक्षण कार्य शुरू हो गया।


गढ़वाल, गढ़वाली व भाषा की समृद्धि में अहम कड़ी
जिसमें विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं, प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया।

garhwali-slabyusइस दौरान डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि गढ़वाली बोली-भाषा को संरक्षित किए जाने व मौजूदा समय में बच्चों से दूर होती भाषा से उन्हें जोड़ने की कड़ी में यह पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, जो गढ़वाल, गढ़वाली व भाषा की समृद्धि में अहम कड़ी साबित होगा।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर यह पाठ्यक्रम पहले पौड़ी ब्लाक के निजी व सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में लागू किया गया है, जिसे अन्य ब्लाकों के साथ ही पूरे जिले में लागू किए जाने पर गंभीरता के साथ विचार किया जा रहा है।
51 हजार बच्चे शिक्षण कार्य शुरू करेंगे
डीईओ बेसिक कुंवर सिंह रावत ने बताया कि पौड़ी ब्लाक के विद्यालयों के कक्षा एक से पांचवीं तक के 51 हजार बच्चे शिक्षण कार्य शुरू करेंगे।

इन कक्षाओं में पढ़ाई जाएंगी ये पुस्तकें
कक्षा पुस्तक
कक्षा एक धगुलि
कक्षा दो हंसुलि
कक्षा तीन छुबकि
कक्षा चार पैजबि
कक्षा पांच झुमकि