RM की फर्जी मुहर व हस्ताक्षर बना कंडक्टर ने किया दुकान का आवंटन, निलंबित

लखनऊ, जेएनएन। डीजल चोरी के बाद परिवहन निगम के एक कंडक्टर का नया कारनामा सामने आया है। इसमें एक परिचालक पर क्षेत्रीय प्रबंधक के फर्जी मुहर और हस्ताक्षर बना दुकानों का आवंटन करने का आरोप लगा है। नियमित परिचालक के इस खेल से रोडवेज अफसर सकते में हैं।

बस कंडक्टर को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।आरएम पल्लव बोस के मुताबिक मामला आलमबाग बस टर्मिनल से जुड़ा है। यहां अवध डिपो के नियमित कंडक्टर अनुराग अवस्थी की ड्यूटी आलमबाग बस अड्डे पर बसों में सवारी बैठाने के लिए लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि कर्मी ने तीन दुकानों के अधिकार पत्र फर्जी तरीके से जारी किए हैं। कंडक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यालय के निर्देश पर मामले की जांच क्षेत्रीय प्रबंधक अपने स्तर से कर रहे हैं। हफ्तेभर के भीतर रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी जाएगी।

पौने दो लाख रुपये की वसूली

क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि बस कंडक्टर ने तीन लोगों से तकरीबन पौने दो लाख रुपये वसूल किए हैं। इनमें हुसैनगंज निवासी शमीम खान से 32 हजार लिए जाने का आरोप है तो शोभित यादव से 41 हजार एवं फरहान खान से एक लाख 10 हजार रुपये वसूले जाने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। अधिकार पत्राें को खंगाला गया है। पुराने सभी अधिकार पत्रों की जांच की जाएगी। कहीं ऐसा तो नहीं कुछ और मामले हों।