chhath puja, 2018: महापर्व छठ 11 नवंबर से, पढ़ें कब है नहाय-खाए, खरना, सायंकालीन अर्घ्य, प्रात:कालीन अर्घ्य

चार दिन तक चलने वाले सूर्य उपासना का महापर्व छठ नहाय खाय के साथ शुरू होगा। इसके बाद खरना होगा। जिसे पूजा का दूसरा व कठिन चरण माना जाता है। इस दिन व्रती निर्जला उपवास रखेंगे और शाम को पूजा के बाद खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण करेंगे। अथर्ववेद के अनुसार षष्ठी देवी भगवान भास्कर की मानस बहन हैं। प्रकृति के छठे अंश से षष्ठी माता उत्पन्न हुई हैं। उन्हें बच्चों की रक्षा करने वाले भगवान विष्णु द्वारा रची माया भी माना जाता है।

chhath puja 2018: छठ महापर्व- सिद्धि योग में नहाय खाय और अमृतयोग में सायंकालीन अर्घ्य

इसीलिए बच्चे के जन्म के छठे दिन छठी पूजी जाती है, ताकि बच्चे के ग्रह-गोचर शांत हो जाएं। एक अन्य मान्यता के अनुसार कार्तिकेय की शक्ति हैं षष्ठी देवी। पढ़ें कब है नहाय-खाए, खरना, सायंकालीन अर्घ्य, प्रात:कालीन अर्घ्य

नहाय-खाए : रविवार 11 नवंबर

खरना (लोहंडा): सोमवार 12 नवंबर

सायंकालीन अर्घ्य: मंगलवार 13नवंबर

प्रात:कालीन अर्घ्य: बुधवार 14 नवंबर

सूर्य योग में भगवान भास्कर को पहला अर्घ्य 13 नवंबर को