चमोली : वन भूमि हंस्तातरण से संबधित मामलों का त्वरित गति से निस्तारण करने के जिलाधिकारी ने दिये निर्देश

चमोली, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने शुक्रवार को क्लेक्ट्रेट सभागार में लोक निर्माण तथा वन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए वन भूमि हंस्तातरण से संबधित मामलों का त्वरित गति से निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में काश्तकारों की भूमि का मुआवजा वितरण एवं सड़कों से जुड़ी लंबित शिकायतों की भी गहनता से समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने लोनिवि के सभी डिविजनों में लंबित वन भूमि हंस्तारण मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सड़कों के जो भी प्रकरण आॅनलाइन किए जाने है उनको एक सप्ताह के भीतर आॅनलाइन करना सुनिश्चित करें तथा जिन सड़कों की सैद्वान्तिक स्वीकृत मिल चुकी है उनकी वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन स्तर पर व्यक्तिगत प्रयास करना सुनिश्चित करें। ताकि सड़कों निर्माण शुरू हो सके।

विभागीय स्तर पर लंबित क्षतिपूरक वृक्षारोपण हेतु चयनित स्थल का म्यूटेशन, वेरिफिकेशन आदि लंबित कार्यो का भी शीघ्र निराकरण करना सुनिश्चित करें। जिले में लोनिवि के लगभग 51 सड़कों पर सैद्वान्तिक स्वीकृति प्रस्तावक विभाग, नोडल एवं भारत सरकार के स्तर पर लंबित है। वन विभाग के स्तर पर 7 सड़कों के प्रकरण में कार्यवाही गतिमान है तथा 30 सड़कों पर विधिवत स्वीकृति मिली है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन सड़कों में विभाग को बजट आवंटित नही हुआ है उसकी सूची भी उपलब्ध की जाए। ताकि शासन स्तर पर लंबित मामलों को रखा जा सके। साथ ही जिन सड़कों पर वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है उनमें शीघ्र टेंडर प्रकिया पूरी करने के निर्देश दिए।

प्रभावित काश्तकारों की भूमि का मुआवजा वितरण में देरी पर जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सभी डिविजनों के अधिकारियों को अपने क्षेत्रान्तर्गत 10 नवंबर तक कैम्प लगाकर प्रभावित काश्तकारों में मुआवजा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। लोनिवि की सड़कों पर जिले में 517 प्रभावित लोगों को 3.66 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरण लंबित है। जिलाधिकारी ने वर्षो से लंबित मुआवजा वितरण के मामलों पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी दी की अगर काश्तकारों में शीघ्र मुआवजा वितरण नही किया गया तो लोनिवि को किसी भी सड़क पर कार्य करने की अनुमति नही दी जाएगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी नई सड़क का कटिंग कार्य शुरू करने से पहले प्रभावित होने वाले काश्तकारों में मुआवजा वितरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोनिवि थराली को 03 नंवबर, गोपेश्वर व गैरसैंण को 6 नंवबर तथा गौचर को 7 नंवबर को अपने क्षेत्र में कैम्प लगाकर प्रभावित काश्तकारों में मुआवजा वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन सड़कों का निर्माण जिला योजना से किया गया है उनमें मुआवजा वितरण के लिए जिला योजना में बजट की डिमांड दें।

इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न स्तरों से प्राप्त लोनिवि की सड़कों से संबधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए तत्काल शिकायतों का निराकरण करने को कहा। बैठक में सभी डिविजनों ने अपने क्षेत्रान्तर्गत सड़कों की प्रगति से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।
इस दौरान डीएफओ केदारनाथ अमित कंवर, डीएफओ बद्रीनाथ आशुतोष सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि मुकेश परमार सहित लोनिवि के सभी डिविजनों के अधिशासी अभियंता उपस्थित थे।