‘वट सावित्री’ व्रत रखकर महिलाओं ने पति की लंबी आयु और परिवार में खुशहाली की करी कामना

कोरोना के चलते अधिकतर महिलाओं ने घरों में की पूजा

(चन्दन सिंह बिष्ट)

भीमताल, पति की लंबी आयु के लिए रखे जाने वाले वट सावित्री व्रत को लेकर महिलाओं ने गुरुवार सुबह वट वृक्ष और मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए पहुंचे, अखंड सौभाग्य का व्रत रखकर महिलाओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना की और पति की लंबी आयु की कामना की | महिलाओं ने मंदिरों में और घरों में सुबह से ही पूजा अर्चना की तैयारी की । वटवृक्ष और विष्णु भगवान के साथ कि आज शनि अमावस्या होने के चलते शनिदेव की भी पूजा अर्चना की गई ।

महिलाएं पारंपरिक परिधानों से सजी-धजी महिलाएं वट सावित्री के लिए सुबह से मंदिरों में और घरों में वट वृक्ष की पूजा अर्चना के लिए पहुंचने लगे मंदिरों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा अर्चना की मंदिरों में और घरों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा अर्चना की पूजा के बाद वृक्ष पर जल फल व वस्त्र चढ़ाएं और पति की लंबी आयु के लिए कलावा बांधा हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व है यह व्रत हर साल जेष्ठ मास की अमावस्या को रखा जाता है ।

इस दिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं शास्त्रों में वट को देव वृक्ष बताया गया है इसके मूल भाग में भगवान ब्रह्मा मध्य भाग में भगवान विष्णु और अग्रभाग में भगवान शिव का वास माना गया है देवी सावित्री भी वट वृक्ष में प्रतिष्ठित रहती हैं । ऐसी मान्यता है कि वट वृक्ष के नीचे सावित्री ने अपने पति सत्यवान को दोबारा जीवित कर लिया था । इसीलिए वट सावित्री के नाम से जाना जाता है ।वट सावित्री का व्रत लेने वाली महिलाओं में चन्द्रा बोरा ,बीना देवी ,रेखा बोरा ,कुन्ती देवी ,गीता देवी ,तनीशा पाण्डे , चित्रा बिष्ट मौजूद थे ।