बुलंदशहर में गोकशी के नाम पर कैसे भीड़ ने मचाया तांडव

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गोकशी के शक पर उत्तर प्रदेश का बुलंदशहर सुलग गया है. भीड़ और पुुलिस के बीच मचे तांडव में एक इंस्पेक्टर की मौत हो गई है, जबकि गुस्से का शिकार एक युवक भी हुआ है, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है.

गोकशी के शक पर शुरू हुई ये मामूली घटना आखिर खूनी संघर्ष तक कैसे पहुंच गई, यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने तफ्सील से इस घटनाक्रम की जानकारी दी.

उन्होंने बताया, ‘सोमवार सुबह करीब 10.30-11 बजे के बीच बुलंदशहर के थाना स्याना में यह सूचना मिली कि ग्राम मऊ के खेतों में कुछ गोवंश के अवशेष पाए गए हैं. गांव के भूतपूर्व प्रधान ने इसकी शिकायत की थी. जिसके बाद स्याना थाने के पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार पुलिसबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने उत्तेजित ग्रामीणों को समझाया और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया.’

एडीजी ने बताया कि पुलिस की बात पर कुछ ग्रामीण मान गए, लेकिन कुछ उत्तेजित ग्रामीणों ने जानवर के अवशेष (संभावित तौर पर गोवंश के अवशेष) ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर चौकी चिंगरावठी के 10 मीटर पहले स्याना-गढ़ रोड को ब्लॉक कर दिया. ग्रामीणों ने पूरा रोड जाम कर दिया. जिस पर सीओ समेत थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें समझाने की कोशिश की.

एडीजी के मुताबिक, भीड़ जाम खोलने को राजी नहीं हुई और इस दौरान मामला बिगड़ गया. ग्रामीणों ने चौकी पर भारी पथराव किया. पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठी चार्ज भी किया. एडीजी ने बताया कि इस दौरान वहां तीन गांव (मऊ, नयाबांस और चिंगरावठी) के करीब 400 लोग थे.

एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि सुबोध कुमार के सिर में गहरा जख्म हुआ, जिससे काफी खूब बह गया था. डॉक्टरों ने प्रथम दृष्टया बताया कि संभवत: अधिक खून बहने से इंस्पेक्टर की मौत हुई. एडीजी ने बताया कि ब्लंट ऑब्जेक्ट से ये इंजरी हुई है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत का कारण सामने आ पाएगा कि क्या गोली से उनकी मौत हुई है या नहीं.

एक युवक की भी मौत

एडीजी ने बताया कि इस संघर्ष के दौरान चिंगरावठी गांव के एक युवक सुमित को भी गोली लगी, जिसे मेरठ रेफर किया गया जहां उसकी दुखद मौत हो गई. उन्होंने कहा कि पीएम रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि उनकी मौत पुलिस की गोली से हुई है या ग्रामीणों की लगी है. भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है.

पुलिस ने बताया कि 12-1.30 के बीच ये पूरा घटनाक्रम हुआ है और इसी दौरान पुलिस एफआईआर दर्ज कर रही थी. 2 बजे के आसपास पूरी स्थिति नियंत्रित कर लिया गया था.

जांच टीम गठित

आनंद कुमार ने बताया कि एडीजी इंटेलिजेंस मामले की जांच कर रहे हैं जो 48 घंटे में गोपनीय इंक्वायरी रिपोर्ट जमा करेंगे. गोकशी की घटना और हिंसा की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है. दोनों केस रजिस्टर किए जा रहे हैं. एसआईटी में तीन-चार सदस्य होंगे.

एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि इज्तिमा से लगभग 6-7 लाख लोग जा चुके हैं. लेकिन अभी भी काफी संख्या में लोग वहां से जा रहे हैं. तनाव रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षाबल तैनात है. न्यायिक जांच के भी आदेश दे दिए हैं.

क्या इस घटना में किसी पार्टी से जुड़े नेता शामिल हैं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जांच टीम गठित कर दी गई है, जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.