विश्व का सबसे बडा सुरक्षा बल है देश का सीमा सुरक्षा बल: डा0 शिव कुमार

हरिद्वार 01 दिसम्बर (कुल भूषण शर्मा) भारत का सीमा सुरक्षा बल (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) विश्व का सबसे बडा सीमा रक्षक बल बनने का गौरव हासिल किये है।  भारत में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स एक प्रमुख अर्धसैनिक बल है जिसका गठन 1 दिसम्बर 1965 में हुआ था। इसकी जिम्मेदारी देश मे अमन शांति के साथ भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना, भारत भूमि सीमा की रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना है। इस समय बीएसएफ की 188 बटालियन है और यह 6,385.36 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करती है सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा बोध को विकसित करने की जिम्मेदारी भी बीएसएफ को दी गई है। “जीवन पर्यन्त कर्तव्य” इस बल का आदर्श वाक्य है। भारतीय पुलिस सेवा के के एफ रुस्तम इस संगठन के पहले महानिदेशक रहे। यह उदगार गुरूकुल कांगडीसमविष्वविद्यालय के असि0 प्रोफेसर डा0 षिव कुमार चौहान ने सीमा सुरक्षा बल के जवानो को नमन करते हुए व्यक्त किये उन्होने कहा कि सीमा सुरक्षा बल 1 दिसंबर 1965 को सर्वप्रथम अस्तित्व में आया।

सन् 1971 के भारत-पाकिस्तानी युद्ध में बीएसएफ की क्षमताओं का इस्तेमाल पाकिस्तानी ताकतों के खिलाफ किया गया। बीएसएफ, जिसे लंबे समय तक नर बुर्ज माना जाता है, ने अब सीमा पर महिला कर्मियों के पहले बैच को नियमित रूप से सीमा संरक्षण सहित अपने पुरुष समकक्षों द्वारा किए गए अन्य कर्तव्यों को पूरा करने के लिए तैनात किया है। भारत में अत्यधिक अस्थिर भारत-पाक सीमा पर 100 से ज्यादा महिलाएं तैनात की गई हैं, जबकि लगभग 60 भारतीयों को भारत-बांग्ला सीमा पर तैनात किया जाएगा। कुल मिलाकर, विभिन्न चरणों में सीमा पर 595 महिला कॉन्स्टेबल तैनात किए जाने की योजना है।

देश के इस अद्वितीय सशस्त्र सीमा बल के पराक्रम एवं दृढ इच्छा शक्ति के कारण दुनिया मे एक अलग पहचान है तथा दुनिया का एकमात्र सीमा रक्षक बल बनने का गौरव हासिल किये है। इसके वीर जवानों के बल-पराक्रम की अपनी एक अमरगाथा है जिसके लिए इसके जवान अपना सर्वस्व न्यौछावर करने को सदा तैयार रहते है। अपने वीर सपूतों के पराक्रम पर देश का यह अनूठा संगठन अपना 55 वाॅ स्थापना दिवस मना रहा है। ऐसे वीर सपूतों के बल पर हम स्वयं को सुरक्षित महसूस करते है।