जानें : भीम ऐप क्यूँ सरकार इसे पॉपुलर करना चाहती है ?

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नई दिल्ली : 4 अगस्त को 27 वी जीएसटी काउंसिल की बैठक में डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए रुपे कार्ड और भीम ऐप से भुगतान करने पर टैक्स में 20% की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ग्राहकों को कम से कम 100 रुपए तक का कैशबैक दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ राज्यों में लागू किया जाएगा। यह छूट उन्हें कैशबैक के रूप में मिलेगी और इसकी राशि सीधे उनके बैंक खाते में जाएगी। यह सुविधा उन लोगों को नहीं मिलेगी जो मास्टर या वीजा कार्ड के जरिये भुगतान करेंगे।

आपको बता दे नोटबंदी के बाद वित्त वर्ष 2016-17 के मुकाबले 2017-18 में रुपे कार्ड के जरिए ट्रांजेक्शन में 135% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 2018 में 46 करोड़ लोगों ने पॉस (प्वॉइंट ऑफ स्केल) (स्वैप) मशीनों में 46 करोड़ लोगों ने रुपे कार्ड का इस्तेमाल किया था, जबकि 2016-17 में ये आंकड़ा 19.5 करोड़ था। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए 30 दिसंबर 2016 को भीम ऐप को लॉन्च किया गया था। 1 जनवरी 2018 तक 2.26 करोड़ लोगों ने भीम ऐप डाउनलोड किया।

माना जा रहा है कि जीएसटी में छूट देने के इस प्रस्ताव पर अमल करने से सरकार के खजाने पर सालाना लगभग 1000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान है। इस राशि को केंद्र और राज्य मिलकर वहन करेंगे। वैसे सरकार को उम्मीद है कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने से अर्थव्यवस्था में संगठित क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा जिससे अंतत: राजस्व में वृद्धि होगी।

आइये बात करते है भीम ऐप के बारे में –

गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप स्टोर से भीम ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल करें। इसके बाद अपनी भाषा चुनें। बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से बैंक सिलेक्ट करें। 4 डिजिट का एप्लीकेशन पासवर्ड सेट करें। सिर्फ पहली बार अपने बैंक अकाउंट को भीम ऐप से लिंक करें। 6 डिजिट का यूपीआई पिन सेट करें।ट्रांजेक्शन ऑप्शन पर जा कर आसानी से बेनेफिसरी का एकाउंट नंबर, IFSC कोड डाल ट्रांजेक्शन करें जिसके खाते में आप पैसे डाल रहे उसके खाते में कुछ ही सेकड़ो में पैसा ट्रांसफर हो जाता है. इसके द्वारा आप 10 हजार तक का ट्रांसेक्शन कर सकते हैं। अभी तक पैसे के ट्रांजेक्शन पर कोई फीस नहीं देनी पड़ती

भीम ऐप का पूरा नाम भारत इंटरफेस फॉर मनी है, जिसका नाम डॉक्टर भीमराव अंबेडर के नाम पर रखा गया है। भीम ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों ही यूजर्स के लिए अवेलेबल है। इसे नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने बनाया है, जो यूपीआई पर काम करता है। यूपीआई IMPS इंफ्रास्ट्रक्चर के ऊपर काम करता है और इसके जरिए एक बैंक से दूसरे बैंक तक स्मार्टफोन से ही पैसों को ट्रांसफर किया जा सकता है।

अभी तक आपको अपने बैलेंस जानने के लिए या तो बार बैंक जाना पड़ता था या पासबुक अपडेट या फिर फोन के जरिये अपना बैलेंस पता रखना पड़ता था इस ऐप के जरिए न सिर्फ ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। बल्कि अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस भी चेक कर सकते हैं। इसके साथ ही ट्रांजेक्शन डीटेल भी इसके जरिए पता कर सकते हैं।

एक अहम सवाल ये भी है भीम ऐप के जरिए एक दिन में सिर्फ 20 बैंक तक ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। इसके साथ ही एक दिन में सिर्फ 20 हजार रुपए तक का ही ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। अगर एक ही अकाउंट में 20 हजार रुपए भेजे हैं, तो फिर दूसरे अकाउंट में ट्रांजेक्शन नहीं कर सकते।

कुछ सावधानियो जो आपको सेफ ट्राजेक्शन के लिए जरुरी है –

  • अपने मोबाइल को हमेशा लॉक रखे,
  • भीम एप का 4 अंको का कोड किसी से शेयर न करें
  • इसी ऐप में 6 अंको का UPI पिन होता है उसे समय समय पर बदलते रहें और किसी से भी शेयर न करें इसी पिन से ही ट्रांजेक्शन होता है
  • अपना मोबाइल नंबर अगर बदल रहे है तो बैंक में भी जाकर तुरंत अपना नंबर बदले क्यूंकि 3-6 महीने बाद आपका छोड़ा हुआ नंबर कंपनी किसी दूसरे व्यक्ति को इशू कर सकती है

सावधानी से आप अपने डिजिटल ट्रांजेक्शन को स्मार्ट तरीके से कर आप इसका लाभ उठा सकते हैं।