बद्रीनाथ धाम के कपाट 20 नवम्बर होंगे बंद

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गोपेश्वर। करोड़ों श्रद्धालुओं के आस्था के धाम बदरीनाथ मंदिर, सिंहद्वार, और पूरी बदरी पुरी को हजारों फूलों से सजाया जा रहा है । देशी-विदेशी पुष्पों से मंदिर के सिंहद्वार,मंदिर परिसर, और आस पास के स्थानों को सजाने में कारीगर पहुचें हैं। पूरी बदरी पुरी, फूलों से सजे और महके इसके लिये बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति और वे भक्त जो कपाट बंद होने और कपाट खुलने पर फूलों से मंदिर को सजाने का जिम्मेदारी पिछले कई वर्षों से सम्भाल रहे हैं।

बदरीनाथ पहुंच कर साज सज्जा का कार्य स्वयं देख रहे हैं। बदरीनाथ का भब्य और विराट सिंह द्वार जो अपने वास्तु कला , ऐतिहासिकता और धार्मिक मान्यताओं के कारण अलग की भब्यता प्रदशित करता है । इसे सजाने में फूलों के कारीगर लगे हुये हैं। कपाट मंगलवार को अपराह्न 3 बजकर 21 मिनट बंद होने हैं इसलिए सोमवार सुबह से ही मंदिर को सजाने का कार्य चल रहा है । जिन फूलों , पुष्पों से सिंहद्वार , मंदिर सजाया जा रहा है उनमें रंग बिरंगे भारत में खिलने वाले और विदेश में उगने और खिलने वाले फूल भी हैं । जो अधिक तर यूरोपियन ठंडे इलाकों में खिलते हैं ।

महा लक्ष्मी का हुआ आह्वान कपाट बंद होने से पूर्व सोमवार को महा लक्ष्मी का बदरीनाथ मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश करने के लिये मान्यताओं के अनुसार अत्यंत धार्मिक माहौल में किया गया । बदरीश डिमरी पंचायत से जुडे सभी लोग इस अवसर पर थे । बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समित के मुख्य कार्याधिकारी बी डी सिंह, मुख्य रावल ईश्वरन नम्बूदरी , धर्माधिकारी भुवन उनियाल समेत सभी अपर धर्माधिकारी ,मंदिर समिति के अन्य अधिकारी , कर्मचारी भी मौजूद थे । कढ़ाई पूजा भी हुयी । मुहूर्त के अनुसार होंगे कपाट बंद बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी हरीश गौड ने बताया तय निर्धारित समय के अनुसार मंगलवार 20 नवम्बर को अपराह्न 3 बजकर 21 मिनट पर भगवान बदरी विशाल के कपाट बंद होंगे । पुष्प श्रृंगार होगा भगवान का कपाट बंद होने के दिन भगवान का पूरे दिन पुष्प श्रृंगार होता है । हमेशा दिब्य वस्त्रों , आभूषणों , स्वर्ण मुकुट मस्तिष्क पर हीरे का तिलक धारण किये भगवान बदरी विशाल कपाट बंद होने के दिन फूलों से श्रृंगारित रहते हैं ।