वायुसेना प्रमुख बीएस धनोवा बोले, भारतीय वायुसेना सभी प्रकार खतरों से निपटने में सक्षम

देश अनसुलझे क्षेत्रीय विवादों और प्रायोजित आंतकवाद से जूझ रहा है। ऐसे में पड़ोसी देशों के बेड़े में शामिल होते नए हथियार और सैन्य आधुनिकीकरण चिंता का विषय हैं। हालांकि भारतीय वायुसेना ऐसे हर खतरे से निपटने में सक्षम है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने रविवार को एक साक्षात्कार में यह बात कही।

वायुसेना प्रमुख ने चीन और पाकिस्तान का नाम लिए बिना अनसुलझे क्षेत्रीय विवादों और प्रायोजित आतंकवाद पर चिंता जताई। धनोआ ने देश के सामने तात्कालिक चुनौतियों के रूप में इनका जिक्र किया। हालांकि उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ऐसी हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। वायुसेना प्रमुख ने परोक्ष रूप से चीन में वायुसेना के तेज आधुनिकीकरण और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में भारतीय सीमा पर उसके विकास कार्यो की ओर भी इशारा किया।

भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण पर उन्होंने कहा कि लड़ाकू दस्ते की मजबूती उनकी प्राथमिकता में है। वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘भारतीय वायुसेना नए हथियारों और तकनीकी अपग्रेडेशन की दिशा में बढ़ रही है। इस दिशा में मिग-29, जगुआर और मिराज-2000 विमानों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जा रहा है।’ उन्होंने 83 तेजस लड़ाकू विमानों और 36 राफेल विमानों को शामिल करने की योजनाओं का भी जिक्र किया।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते खतरों पर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारत इनके प्रति बहुत सजग है। राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए वायुसेना सभी खतरों से निपटने में सक्षम है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में सीमापार के आतंकी शिविरों को ध्वस्त करने में वायुसेना की भूमिका से भी इन्कार नहीं किया। उन्होंने कहा कि वायुसेना सीमापार के खतरों से निपटने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर ऐसे ऑपरेशन का हिस्सा बन सकती है।