मोदी सरकार के ख़िलाफ, CPM 16 जून को सड़कों पर उतरेगी

नई दिल्ली, कोरोना वायरस से लड़ने के मोदी सरकार के तौर तरीक़ों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है. अब CPM ने सरकारी नीतियों के ख़िलाफ़ 16 जून को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है. एक प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने इसकी घोषणा की.

उन्होंने इस प्रदर्शन के पीछे चार मुख्य मांगे भी रखी | सबसे पहले तुरंत 7500 रुपए अगले 6 महीने तक उन परिवारों को दिया जाए, जो आयकर की सीमा में नहीं आते. दूसरा., सरकार की तरफ से तत्काल 10 किलोग्राम अनाज अगले 6 महीने तक हर ज़रूरतमंद व्यक्तियों को दिया जाए. तीसरी मांग ये कि ग्रामीण इलाक़ों में प्रवासी मज़दूरों को 200 वर्किंग दिन मनरेगा के तहत काम दिए जाएं. इसके लिए सरकार तत्काल फंड आवंटित करे. साथ ही शहरी इलाक़ों में भी रोज़गार की व्यवस्था की जाए. लॉकडाउन के बाद बेरोज़गार हुए लोगों को बेरोज़गारी भत्ता दिया जाए. और सबसे आखिर में निजीकरण की प्रक्रिया और श्रम कानूनों में बदलाब बंद किया जाए |

सीताराम येचुरी ने कहा कि मोदी सरकार ने लॉकडाउन का एकतरफ़ा फ़ैसला किया. इसमें किसी को भी तैयारी करने का कोई मौक़ा नहीं दिया गया. आज करोड़ों लोग इससे प्रभावित है. येचुरी ने पीएम केयर्स के तहत जमा की गई रकम की पारदर्शिता का भी मुद्दा उठाया |

सीपीएम ने ये भी आरोप लगाया कि लॉकडाउन के दौरान सरकार असहमति ज़ाहिर करने वालों पर यूएपीए, राज द्रोह और एनएसए जैसे क्रूर क़ानून लगाकर उन्हें जेलों में भर रही है और देश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने के काम में जुटी है |