उत्तराखंड निकाय चुनाव में टिकट वितरण के बाद भाजपा कांग्रेस में हंगामा : कई चले थप्पड़ तो कही पर इस्तीफे।

नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद से ही कांग्रेस में नाराज नेताओं को मनाने का दौर जारी है। उधर, रुद्रपुर में नाराज 40 कार्यकर्ताओं ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। हल्द्वानी में आज नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश प्रदेश सचिव ललित जोशी के घर पहुंची। इंदिरा हृदयेश और विजय सारस्वत ने ललित जोशी को मनाया, जिसके बाद ललित जोशी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का अपना इरादा टाल दिया।

इंदिरा हृदयेश ने कहा कि ललित जोशी कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। उन्हें पार्टी में पूरा सम्मान मिलेगा। वह कांग्रेस प्रत्याशी सुमित हृदयेश के लिए पूरी मेहनत से जुटेंगे। अब ललित जोशी के निर्दलीय चुनाव न लड़ने से भाजपा प्रत्याशी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उधर, रुद्रपुर में मेयर पद का टिकट कटने से नाराज भाजपा अनुसूचित मोर्चा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व मेयर सोनी कोली के पति सुरेश कोली ने 40 से अधिक पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी से दिया इस्तीफा दे दिया है। अब वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे। देहरादून कांग्रेस भवन में उपेक्षा को लेकर हंगामा करने वाले नेता राजेंद्र शाह सोमवार को धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट बंटबारे में उत्तराखंडियों की उपेक्षा की जा रही। जिसके बाद उन्हें समझाने के लिए अनुशासन समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार, मानवेंद्र सिंह के साथ उनसे बात करने पहुंचे। उस वक्त मामला शांत हो गया। एक बार फिर मामला गरमाने लगा तो मानवेंद्र ने राजेंद्र शाह के समर्थक कमर खान को थप्पड़ रसीद दिया। बाद में राजेंद्र ने ही अपने समर्थकों को समझाया और मामला शांत किया।
रुद्रपुर में टिकट कटने से नाराज महानगर कमेटी के महामंत्री चंद्रसेन कोली ने 20 कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में प्रदेश संगठन सचिव कोमिल राम कोली भी शामिल हैं। निकाय चुनाव में मेयर पद के लिए कांग्रेस से चंद्रसेन कोली टिकट के दावेदारों में शामिल थे। लेकिन हाईकमान ने नए चेहरे नंदलाल को प्रत्याशी बनाया है। इससे नाराज होकर चंद्रसेन ने समर्थकों के साथ महानगर अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने एक स्थानीय नेता पर बाहरी व्यक्ति को टिकट करोड़ों में बेचने का आरोप लगाया है। हालांकि उस नेता का नाम उजागर नहीं किया है।

वहीं यूकेडी के पूर्व महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र बिष्ट आज कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। बागेश्वर में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। यहां पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता प्रमोद मेहता (डब्बू दा) ने बगावत कर दी है। नगर पालिका परिषद चुनाव में अध्यक्ष पद के लिये उन्होंने दावेदारी ठोकी है। प्रमोद मेहता सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा विभाग में इंजीनियर के पद पर थे। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

ऋषिकेश में भी भाजपा में बगावत के सुर तेज हो रहे हैं। यहां भाजपा मुनिकीरेती मंडल अध्यक्ष राकेश सिंह सेंगर ने कहा कि हमारा ये उद्देश्य था कि हमारे मूल कार्यकर्ताओं से किसी को टिकट दिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पूर्व में विधानसभा के चुनावों में भी ऐसा ही किया गया। उस वक्त हमने पार्टी के इस फैसले का स्वागत किया था। लेकिन इस बार भी हमें उपेक्षा का मुंह देखना पड़ा। अब मुनिकीरेली और डालवा मंडल के कार्यकर्ताओं ने फैसला किया है कि यहां पर हम पार्टी के खिलाफ नए उम्मीदवार को खड़ा करें।