आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जेटली ने दिया नया कानून बनाने का इशारा

वित्त मंत्री अरुण जेटली और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आधार कार्ड पर आए फैसले के बाद प्राइवेट सेक्टर को आधार से जोड़ने के लिए नया कानून बनाने की तरफ इशारा किया है. जेटली ने आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए बुधवार को कहा कि सरकारी योजनाओं को वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने से सरकार को सालाना 90,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है. उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले के बाद कांग्रेस को मुंह छिपाना पड़ रहा है.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को शाश्वत नहीं माना जा सकता है, यह कहते हुए जेटली ने कहा कि उन्होंने पूरा फैसला नहीं पढ़ा, पर इस बारे में उनकी यह समझ है कि सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी आधार के अभाव में 12 अंकों वाली विशिष्ट पहचान संख्या के मोबाइल फोन कंपनियों जैसी निजी इकाइयों के उपयोग पर रोक लगाई है.

जेटली ने आश्वासन दिया कि सरकार का इरादा इस फैसले को पूरी तरह से लागू करने का है, लेकिन जहां भी गुंजाइश है, वहां अपने विकल्पों का पता लगाएंगे.

वित्त मंत्री ने कहा, ‘आधार कानून की धारा 57 (जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया) कहता है कि विशेष अधिकार के तहत अन्य इकाइयों को आधार के उपयोग की अनुमति दी जा सकती है. मैं आपको फैसले के बारे में अपनी जानकारी दे सकता हूं. जब तक इसे कानून से समर्थन नहीं मिलता है, यह स्वीकार्य नहीं है. फैसले से यही समझ आता है.’