604 करोड़ की योजनाओं का मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुतिकरण

देहरादून, सचिवालय सभागार में आज मुख्य सचिव एवं हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष श्री उत्पल कुमार सिंह के समक्ष प्रदेश की 25 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई0टी0आई0) को वर्तमान रोजगार के अनुसार प्रशिक्षित करने हेतु 604 करोड़ रूपये की धनराशि के प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण किया गया।
मुख्य सचिव द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देशों के क्रम में तकनीकि शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव में इन 25 आईटीआई में स्मार्ट क्लासेस, आधुनिक उपकरण आदि कम्पोनेंट को शामिल करते हुए ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। विश्व बैंक पोषित 5 वर्षीय इस उत्तराखण्ड वर्कफोर्स डेवलपमेंट परियोजना में चिन्ह्ति 25 आई0टी0आई0 को मल्टीमीडिया क्लास रूम, डिजीटल लाईब्रेरी एवं आधुनिक उपकरणों से लैस किया जायेगा। जिसके लिए विशेष कन्सलटेंट का सहयोग लिया जायेगा तथा वर्तमान में कार्यरत आई0टी0आई0 प्रशिक्षकों को उच्चस्तरीय संस्थानों से वर्तमान आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण भी दिलाया गया है। कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को अल्प अवधि प्रशिक्षण कार्य, कार्यक्रम का प्रशिक्षण एवं प्रमाणन भी दिलाया जायेगा। तथा 7 विभिन्न व्यवसायों यथा वैल्डर, रैफ्रिजेरेशन एण्ड ऐयर कण्डिशनिंग, 3डी होलोग्राफिक सोल्यूशन, कारपेन्टर ट्रेडों में देहरादून स्थित आई0टी0आई0 संस्थानों तथा काशीपुर की आई0टी0आई0 में इलेक्ट्रिशियन, हरिद्वार स्थित आईटीआई में प्लम्बर तथा सीएनसी ट्रेडों में प्रशिक्षण देने हेतु सेन्ट्रल ऑफ एक्सीलेंस केन्द्र विकसित किये जायेंगे।
प्रस्तुतीकरण के दौरान अपर सचिव तकनीकि शिक्षा, कौशल विकास एवं सेवायोजन (प्रशिक्षण निदेशालय) डॉ अहमद इकबाल ने बताया कि इन 25 औद्योगिक संस्थानों को रोजगारपरक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक एवं उपकरणों तथा स्मार्ट क्लासेस से युक्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आई0टी0आई0 अध्यापकों को रिफ्रेसर्स कोर्स के माध्यम से रोजगारपरक व्यवसाय में उच्च तकनीकि संस्थानों से प्रशिक्षित कराया गया है। तथा इन 7 सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस में विशेषज्ञ औद्योगिक ईकाईयों के सहयोग से शोध एवं विकास कार्य भी किये जायेंगे। युवाओं के आय को बढ़ाने के लिये प्लेसमेंट आदि की भी गतिविधियां संचालित की जायेंगी। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक इस योजना को मूर्त रूप देने हेतु कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल एवं उत्तराखण्ड पेयजल द्वारा डीपीआर तैयार की जा चुकी है तथा इन आई0टी0आई संस्थानों को आधुनिक उपकरणों से लैस किये जाने हेतु कार्यवाही गतिमान है। भारत सरकार द्वारा प्राधिकृत उच्च स्तरीय संस्थानों से 479 आई0टी0आई0 स्टाफ को रोजगारपरक प्रशिक्षण से दक्ष किया जा चुका है।
बैठक में प्रभारी सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन डॉ0 रंजीत सिन्हा ने उत्तराखण्ड वर्कफोर्स डेवलपमेंट परियोजना में अब तक की गयी प्रगति पर विस्तार से मुख्य सचिव को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना के माध्यम से प्रदेश के समस्त आई0टी0आई0 संस्थानों के प्रशिक्षकों को शिक्षण पद्धति, व्यवसाय की पूर्ण जानकारी तथा सॉफ्ट स्क्लि में पूर्णतः प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव शामिल है। प्रशिक्षार्थियों के प्रशिक्षण के दौरान ही उन्हें Revenue generation cum training के लिये तैयार भी किया जा रहा है। इस अवसर पर वित्त सचिव श्रीमती सौजन्या भी उपस्थित थी।