बदल गए कार और बाइक चलाने से जुड़े 5 नियम, नहीं जानने पर रद्द हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस

(1) Pollution Under Control सर्टिफिकेट जरूरी-सड़क परिवहन मंत्रालय ने देश में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए PUC सटिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया है. इसके लिए सरकार ने यूनिफॉर्म PUC सर्टिफिकेट लागू करने का फैसला किया है. जो QR कोड के जरिए आएगा, जिसमें गाड़ी की पूरी डिटेल्स होंगी, जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, मालिक का नाम, एमिशन लेवल वगैरह.

(2) BIS सर्टिफाइड हेलमेट पहनना जरूरी: सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने टू व्हीलर मालिकों के लिए बीआईएस के सर्टिफाइड हेलमेट पहनना जरूरी कर दिया है. सरकार का मनना है कि ज्यादातर टू व्हीलर चलाने वाले सस्ते हेलमेट का प्रयोग करते हैं. जो दुर्घटना के समय चोट से बचाने के लिए ना काफी होते है. ऐसे में सड़क हादसे में टू व्हींलर चालक की मौत होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती हैं.

(3) गाड़ियों के लिए नॉमिनी जरूरी: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है. नए नियम के तहत वाहन का मालिक रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में किसी एक व्यक्ति को नामित (Nominee) कर सकेगा. गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के समय ही नॉमिनेशन सुविधा दिए जाने का प्रस्ताव है. इससे अगर गाड़ी के मालिक की मृत्यु हो जाती है तो वाहन को उसके नॉमिनी को ट्रांसफर करने में मदद मिलेगी.

(4) Ola, Uber नहीं ले पाएंगी अब मन माफिक किराया : सड़क परिवहन मंत्रालय ने ओला और उबर जैसी टैक्सी कंपनियों के लिए नई गाइडलाइन Motor Vehicle Aggregator Guidelines 2020 जारी की है. इस गाइडलाइन के अनुसार टैक्सी कंपनियां अब पीक आवर्स में मनमाना किराया नहीं बढ़ा सकेगी. आपको बता दें इस गाइडलाइन के अनुसार अब ओला और उबर जैसी कंपनियां पीक आवर्स में बेस फेयर से डेढ़ गुना ज्यादा ही किराया बढ़ा सकती हैं.

(5) Ola, Uber के लिए अब राइड कैंसिल करना मुश्किल : Ola, Uber के ड्राइवर या यात्री बुकिंग कंफर्म होने के बाद बिना किसी वैध कारण के अगर राइड कैंसिल करते हैं. तो 10 परसेंट की पेनल्टी लगेगी. इससे उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें पहले तो ड्राइवर का फोन आता है और ये पूछने के बाद कि यात्री को कहां जाना है, कोई न कोई बहाना बनाकर राइड कैंसिल कर देता है.

(6) Ola, Uber ड्राइवर्स के लिए इश्योरेंस कवर जरूरी : सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने ओला और उबर जैसी टैक्सी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वो अपने सभी ड्राइवर्स का इंश्योरेंस जरूर कराए. इसके साथ ही सरकार ने नियम बनाया है कि इन कंपनियों में जो ड्राइवर काम करते है. वो 12 घंटे से ज्यादा की शिफ्ट नहीं कर सकेंगे. वहीं कंपनियों को अब किराय का 80 फीसदी हिस्सा ड्राइवर को देना होगा.