भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में पड़े 12 मत, कांग्रेस की ज्योति देवी को मिले 6 मत

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रुद्रप्रयाग। जिला पंचायत अध्यक्ष पद का ताज को लेकर जिले में चल रहे चौतरफा कयासों पर विराम लग गया है। आज जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान के बाद आए नतीजों में अध्यक्ष पद पर भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी अमरदेई शाह को विजय हासिल हुई है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित बागी सुमंत तिवारी को जीत मिली है।
दरअसल, त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर चुनावों की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा और कांग्रेस पार्टियों में जोड़-तोड़ की गणित चलनी शुरू हो गई थी। जिला पंचायत सदस्य के रूप में निर्वाचित होकर आए सदस्यों को गायब करने व उन्हें लुभाने का दौर भी खूब चला। हालांकि जो त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के नतीजे आए थे उससे जिले में कांग्रेस मजबूत स्थिति में लग रही थी, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष पद अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने में पूरी तरह से नाकाम रही।

भाजपा ने कब्जाई जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट
जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी सुमंत तिवारी जीते
जिले के उखीमठ, जखोली व अगस्त्यमुनि की प्रमुख सीटों पर भाजपा को लगी निराशा हाथ

स्थिति यह रही कि कांग्रेस अपने कुनबे को ही अपने पक्ष में नहीं कर पाई और कांग्रेस का एक धड़े ने पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी को समर्थन दे दिया। यही कारण रहा कि भाजपा प्रत्याशी अमरदेई शाह 12 मतों के साथ विजय हुई, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी ज्योति देवी को मात्र 6 वोट मिले। यही स्थिति उपाध्यक्ष पद भी रही कांग्रेस से बागी होकर आए सुमंत तिवाड़ी ने 12 मतों के साथ जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी नरेन्द्र सिंह को 6 मतों के साथ हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में अब पहले से बैकफुट पर गई कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, जिसे उभरने के लिए कांग्रेस को न केवल जिले में संगठन को मजबूत करना पड़ेगा, बल्कि मजबूत उम्मीदवारों को भी अपने साथ लाना पड़ेगा। उधर, भारतीय जनता पार्टी को तीनों विकासखण्ड में प्रमुख के पदों पर शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कल की हार का बदला ले लिया है। विधायक भरत सिंह चौधरी का कहना है कि प्रमुख पदों पर जीते प्रत्याशियों ने धन बल का प्रयोग किया है, जिस कारण भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है।