स्पेन के दिग्गज मिडफील्डर आंद्रेस इनिएस्टा ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का एेलान

मेजबान रूस ने फीफा वर्ल्ड कप 2018 में अपना स्वप्निल अभियान जारी रखते हुए रविवार को 2010 के चैंपियन स्पेन को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर 48 साल बाद क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया.

स्पेन इस वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के प्रबल दावेदारों में से एक था, जिसके बाहर होने के बाद उसके दिग्गज मिडफील्डर आंद्रेस इनिएस्टा ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का एेलान कर दिया.

एक्स्ट्रा टाइम के बाद भी दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबर रहा और फिर रूस ने पेनल्टी शूटआउट में स्पेन को 4-3 से मात देकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की.

इनिएस्ता ने अपने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा, ‘यह सच है कि नेशनल टीम के साथ यह मेरा आखिरी मुकाबला था. यह दिन मेरे करियर का सबसे दुखद है.’ इस दिग्गज फुटबॉलर ने स्पेन के लिए 131 मैच खेले और 13 गोल किए, जिसमें 2010 वर्ल्ड कप के फाइनल में नीदरलैंड्स के खिलाफ किया गया गोल शामिल है.

स्पेन के कोच फर्नांडो हिएरो ने कहा, ‘मैं हमारे इतिहास के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक इनिएस्ता को बधाई देता हूं. वह एक बेहद शानदार खिलाड़ी हैं. जिस तरह उन्हें मैदान पर दूसरे हाफ में मौका दिया और उन्होंने जिस अंदाज में मैदान पर एंट्री की. उसे देखकर ऐसा लगा जैसे वह अपना पहला मैच खेलने उतरे हो. मैं उनका तहे दिल से शुक्रियाअदा करता हूं.’

अपने सटीक पास और कुशल मूव से इनिएस्टा स्पेन की उस टीम का अहम हिस्सा बने जिसने कुछ समय पहले तक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में दबदबा बनाया हुआ था, लेकिन कल टीम लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट से निराशाजनक तरीके से बाहर हो गई.

विश्व कप 2010 फाइनल में विजयी गोल दागने वाले इनिएस्टा पहले ही संकेत दे चुके थे कि यह राष्ट्रीय टीम के साथ उनका अंतिम टूर्नामेंट होगा और मास्को में कल अंतिम 16 के मैच के बाद उन्होंने संन्यास लेने की पुष्टि की.

आपको बता दें कि फीफा वर्ल्ड कप के तीसरे प्री-क्वार्टर फाइनल में मेजबान रूस ने स्पेन को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से मात दे दी. इसी के साथ ही रूस ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के क्वाटर फाइनल में जगह बना ली, जबकि साल 2010 का वर्ल्ड चैंपियन स्पेन टूर्नामेंट से नॉकआउट हो गया है.

इससे पहले निर्धारित समय तक स्पेन और रूस 1-1 की बराबरी पर रहा और यह मैच एक्स्ट्रा टाइम में चला गया लेकिन फिर भी मुकाबला बराबरी पर रहा. निर्धारित समय तक स्कोर 1-1 रहने के बाद मैच पेनाल्टी शूटआउट में चला गया जहां मेजबान टीम ने 4-3 से बाजी मारी.