सरकार किन वजहों से AC का तापमान 24 डिग्री करने की तैयारी में

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सरकार का बिजली मंत्रालय एयर कंडीशनर के लिये डि‍फॉल्‍ट तापमान (सामान्य स्तर) 24 डिग्री सेल्‍स‍ियस तय करने पर विचार कर रहा |इस प्रस्ताव को लेकर लोगो में काफी संशय हो रहा और कई प्लेटफॉर्मों जैसे सोशल मीडिया में इस फैसले की जमकर आलोचना हो रही है और यह एक विवाद का विषय बन गया है. कई लोगों ने कहा कि सरकार बेडरूम में क्‍या हो रहा है, उसे भी कंट्रोल करना चाह रही है. लेकिन सच्‍चाई इससे काफी अलग है |

आइये जिन बिन्दुओ पर शंशय है उस मामले की जानकारी प्राप्त करें, पहला पॉइंट जिस पर संशय है कि क्‍या डि‍फॉल्‍ट तापमान (सामान्य स्तर) 24 डिग्री तय करने के बाद लोग तापमान को घटा या बढ़ा नहीं सकेंगे? 22 जून की ऊर्जा मंत्रालय की प्रेस रिलीज के अनुसार ऐसा नहीं है, ऊर्जा राज्‍य मंत्री R.K.Singh एयर कंडीशनर बनाने वाली प्रमुख कंपनियों एवं उनके संगठनों के साथ बैठक में कंपनियों को सलाह दी गई कि एसी का डि‍फॉल्‍ट तापमान (सामान्य स्तर) 24 डिग्री तय किया जाए, साथ ही एसी पर यह लेबल लगे कि इस तापमान को सेट करने पर उन्‍हें आर्थ‍िक और स्‍वास्‍थ्‍य के रूप में क्‍या क्‍या फायदे हो सकते हैं, इसके तहत लेबल में 24-26 डिग्री सेल्‍स‍ियस तापमान तय करने की बात है| यह उसी तरह है जैसे किसी प्रोडक्ट के बारे में लिखा होता है की इसको ऐसे उपयोग करेंगे तो आपको न सिर्फ आर्थिक फायदा होगा बल्कि आपकी सेहत को भी फायदा करेगा |

कुछ एक्सपर्ट के अनुसार डि‍फॉल्‍ट तापमान (सामान्य स्तर) वह तापमान है जो किसी भी AC में ऑटोमेटिकली सेट रहेगा आप जब भी अपना AC ऑन करेंगे वो 24 डिग्री पर ही ऑन होगा जिससे आपके बिजली की खपत में कटौती होगी साथ ही आपकी सेहत भी दुरुस्त रहेगी यह उसे प्रकार काम करेगा जैसे आप अपना TV ऑन करने पर एक पहले से लगे चैनल ही लगा पते है और उसकोबाद में बदल लेते हैं | ऐसे ही आप AC के तापमान को कभी भी बदल सकते हैं और कम या ज्‍यादा कर सकते हैं. ऐसे में अगर आप बदलाव नहीं करते हैं तो एसी का कंप्रेसर तापमान को 24 डिग्री पर लाकर बंद हो जाएगा और फ‍िर तापमान बढ़ने पर दोबारा शुरू हो जाएगा |

सरकार का मुख्य उद्देशय ना सिर्फ आपके बिजली के कम करना है बल्कि बिजली की बचत को प्रोत्साहन करना है सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायनमेंट के डिप्‍टी डायरेक्‍टर ने कहा कि यह पूरी तरह से सही है, रूम टेंपरेचर से तापमान कम करने पर एसी को ज्‍यादा मेहनत करनी पड़ी है और इससे ज्‍यादा बिजली की खपत होती है. ऐसे में अगर डिफॉल्‍ट तापमान में बार बार बदलाव न हो तो ऊर्जा की खपत कम होगी

वहीं एसी पर सरकार के इस फैसले का व‍िपक्ष मजाक उड़ा रहा है. कांग्रेस प्रवक्‍ता प्र‍ियंका चतुर्वेदी ने कहा कि अब सरकार यह प्‍लान लेकर भी आएगी कि पानी बचाना है तो नहाओ मत |

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट ने इस फैसले का स्‍वागत किया है. उनके अनुसार एसी किसी भी घर के बिजली बिल का 80 प्रतिशत हिस्‍सा होता है. ऐसे में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की नई स्‍टडी के मुताबिक दिल्‍ली में गर्मियों में बिजली का 50 प्रतिशत इस्‍तेमाल सिर्फ कूलिंग के लिए किया गया|

ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा कि सरकार ने अभी बस सलाह दी है, लेकिन 6 महीने के अंदर इसे अनिवार्य करने का प्‍लान है. साथ ही आरके सिंह ने कहा है कि 1 डिग्री बढ़ाने से लगभग 6 प्रतिशत बिजली की बचत होती है|

सरकार के प्रेस र‍िलीज में जापान जैसे देशों को उल्‍लेख है जहां डिफॅाल्‍ट टेंपरेचर 28 डिग्री सेल्‍स‍ियस है. यह बात भी सच है. जापान में 2005 में पूर्व पीएम कौजूमी के कार्यकाल में कूल बिज नाम का कैंपेन चला था. उस समय से ही वहां एसी के तापमान को 28 पर डिफॉल्‍ट सेट किया गया है. जापान के अलावा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हॉन्गकॉन्ग में 25.5 और ब्रिटेन में 24 डिग्री सेल्सियस पर डिफॉल्‍ट तापमान तय किया गया है. अमेर‍िका में कैलिफ़ोर्निया में गर्मियों में 25.6 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान नहीं रख सकते. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इसे 23.3-25.6 डिग्री सेल्सियस और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रखने के निर्देश हैं

वहीं 2017 की TERI की रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्‍यादा बिजली की खपत एसी से होती है और पर्यावरण पर इसके प्रभाव को कम करने की जरूरत है. ऐसे में कूलिंग के डिमांड को कम करके एसी के पर्यावरण पर प्रभाव को कम किया जा सकता है. बेहतर आर्किटेक्‍चर और थर्मोस्‍टेट से एसी के यूज को कम किया जा सकता है. ऐसे में यह बात सही है कि सोशल मीडिया पर सरकार के इस फैसले का विरोध गलत फैक्‍ट्स पर आधारित है.

आपको बता दें कि इससे पहले आरके सिंह ने ट्व‍ीट कर जानकारी दी थी कि इस उपाय को लागू करके भारत हर 20 बिलियन बिजली यूनिटों को बचाएगा. यह करीब हर साल 1.72 मिलियन टन तेल के बराबर होगा. साथ ही इससे ग्रीन हाउस गैसों में भी 16.2 मिलियन टन की कमी आएगी

ऐसे में सच यह है कि एक डिफॉल्‍ट सेटिंग का मतलब है कि जब आप अपने एसी की पावर ऑन करते हैं, तो यह 24 डिग्री सेल्सियस सेटिंग से शुरू होगा. हालांकि, आप हमेशा अपनी आवश्यकताओं के अनुसार तापमान बदल सकते हैं. तापमान सेटिंग में हर एक डिग्री की वृद्धि बिजली का छह प्रतिशत तक बजाएगी|