राफेल डील : जेटली हुए हमलावर, कहा सत्य का एक ही स्वरूप होता है जबकि झूठ के कई संस्करण होते हैं।

राफेल डील पर लगातार हमले से वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी और उन पर 15 सवाल दाग दिए। बता दें कि राफेल डील के विवाद पर कांग्रेस और मोदी सरकार आमने-सामने हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर आरोप लगा रहे हैं। अपने एक इंटरव्यू में भी जेटली ने कहा कि राफेल के दाम पर कांग्रेस लगातार अलग-अलग बयान दे रही है और वो खुद कंफ्यूज है। बता दें कि सर्जरी के बाद यह जेटली का पहला इंटरव्यू था।

जेटली ने सवाल पूछा कि क्या इस डील में देरी के कारण ही भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर शंका नहीं खड़ी हुई। जेटली ने सीधे राहुल गांधी पर भी सवाल दागा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कई बार सरकार पर आरोप लगाते हुए राफेल के अलग-अलग दामों का जिक्र किया है। क्या राहुल गांधी को तथ्यों की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि सच सिर्फ एक होता है, लेकिन झूठ के कई चेहरे होते हैं।

जेटली ने कहा कि 2007 के राफेल ऑफर को लेकर राहुल गांधी खुद अपनी अलग-अलग स्पीच में 7 तरह के दाम बता चुके हैं। जेटली ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी जिस तरह की बात कर रहे हैं, वह प्राइमरी स्कूल के स्तर की डिबेट है। वित्त मंत्री ने कहा कि 2007 के मुकाबले 2015 में हुई राफेल डील रेट्स के मुकाबले कहीं बेहतर है।

इससे पहले जेटली ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर राहुल से 15 सवाल किये। उन्होंने कहा कि 36 राफेल विमान खरीदने के लिए फ्रांस के साथ 10 अप्रैल, 2015 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के 2007 के करार की तुलना में बेहतर शर्तों पर समझौता किया।

उन्होंने लिखा, ‘‘मैं ये सवाल कर रहा हूं क्योंकि उनके दुस्साहस से राष्ट्रीय हित प्रभावित हो रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी तत्काल इसका जवाब देंगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राफेल विमान सौदे के बारे में कांग्रेस पार्टी के हल्के झूठ पर आधारित फर्जी अभियान से दो सरकारों के बीच हुए अनुबंध पर जोखिम के बादल छा रहे हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं।’’

जेटली ने कहा कि राफेल विवाद पूरी तरह से असत्य पर आधारित है। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय राजनीतिक दलों और उनके जिम्मेदार नेताओं से यह उम्मीद की जाती है कि वे रक्षा सौदों के बारे में सार्वजनिक बहस में कूदने से पहले खुद को आधारभूत तथ्यों से अवगत रखेंगे।

जेटली ने कहा कि कांग्रेस और राहुल तीन तरीके से इस मुद्दे पर दोषी हैं। इसमें सौदे में एक दशक से अधिक की देरी कर राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़,, कीमत एवं प्रक्रिया के बारे में झूठ फैलाना तथा इस तरह के मुद्दे उठा रक्षा खरीद को और टालना शामिल है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कहने की जरूरत नहीं कि मैं अनुबंध के गोपनीयता प्रावधानों से बंधा हुआ हूं और मुझसे जो कुछ भी पूछा जाएगा वह उसी दायरे में बंधा होगा।’’ जेटली ने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने अप्रैल में दिल्ली में तथा मई में कर्नाटक में इसकी कीमत प्रति विमान 700 करोड़ रुपये होने की बात की। संसद में उन्होंने इसे घटाकर 520 करोड़ रुपये प्रति विमान कर दिया। इसके बाद रायपुर में उन्होंने इसे बढ़ाकर 540 करोड़ रुपये प्रति विमान कर दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हैदराबाद में उन्होंने 526 करोड़ रुपये की नयी कीमत खोज ली। सत्य का एक ही स्वरूप होता है जबकि झूठ के कई संस्करण होते हैं।’’