धन से प्यार पर धनी से घृणा

धन –
हमारे आपके सभी के जीवन का एक अहम् हिस्सा, धन सभी को चाहिए सभी की जरूरत है ऐसे ही अमीर कौन नहीं होना चाहता जिसको देखो अमीर होने के लिए सब कुछ करने के तैयार रहता है अमीर होना सभी का मौलिक अधिकार है |

अमीर होने में बुराई क्या है हर कोई अमीर होना चाहता है लेकिन भारत एक ऐसा देश है जहाँ अमीर तो हर कोई होना चाहता है लेकिन अमीर व्यक्ति को बुरा समझा जाता है चाहे वो अपनी ईमानदारी, मेहनत या कहें लगन से अमीर हुआ हो,

हम अमीर होना चाहते हैं लेकिन अमीर को खलनायक घोषित करते हैं यह हमारे भारतीय समाज का पाखंड है आपको याद हो इसी सोच की वजह से सोवियत रूस और ज्यादातर कम्युनिस्ट देश की न सिर्फ जनता खस्ता हल रही बल्कि इन देशो का टूट का भी सामना ,गृहयुद्ध तक का सामना करना पड़ा, न तो ये देश अपने आप तरक्की कर सके और न ही अपने समाज की सेवा और मानवाधिकारो की सुरक्षा, इन सभी से इतर अमेरिका जैसे देश आज तरक्की की राह पर निरंतर आगे बढ़ते गए और न सिर्फ अपने समाज की सेवा की बल्कि अपने देश को उस मुकाम पर पहुँचा दिया जिसे आज दुनिया सुपर पावर कहती है |

चीन भी सही समय पर संभल गया और आज सुपरपॉवर बन गया चीन के कम्युनिस्ट रूस के विघटन से सबक ले चुके थे और सम्भलने का उनके पास मौका था, चीनी जनता संभल गयी उन्होंने अमीर होने को बुरा मानना छोड़ दिया जिसका कारण ये हुआ की 30 साल में 70 करोड़ जनसँख्या गरीबी रेखा से बाहर आ गयी |

इधर अगर हम भारत की बात करते हैं हर कोई अमीर होना चाहता है लेकिन अमीर से घ्रणा भी करता है अगर हमें अमीर होना है तो हमें और ज्यादा अमीर, व्यवसायी खड़े करने होंगे, आज़ादी के बाद देश के नेतृत्व ने हर चीज की लाइसेंस कर दी जिसका परिणाम यह हुआ की हमने सिर्फ क्लर्को की एक फौज तैयार कर ली जो सिर्फ उनप्रोडक्टीवे थे, ये ही हमने व्यवसायी खड़े किये होते तो न सिर्फ देश से गरीबी दूर होती और भारत भी सुपर पावर के साथ खड़ा होता

अभी हाल में मोदी ने लख़नऊ में अपने एक भाषण में जिस तरह से अमीर व्यक्तियो/व्यापारियों का पक्ष लिया उससे कुछ उम्मीद की जा सकती है की भारत की जनता अब “धन से प्यार पर धनी से घृणा “ के सिद्धानत को छोड़ेगी उन्होंने देश को एक नयी दिशा देने का कार्य भी किया है हालाँकि उनके इस वक्तव्य का विरोध भी हो रहा परन्तु ये अब भारत की जनता को सोचन है कि वो “धन से प्यार पर धनी से घृणा” कर कब तक अपनी सोच को बदलती है देश के हर नागरिक को अमीर होने का अधिकार है अमीर होना कोई गुनाह नहीं इसी सोच के साथ देश से गरीबी हटाई जा सकती है न की धन और धनी की उपेक्षा कर |