क्या हार्दिक पटेल का उपवास, अन्ना-2 के उपवास की तरह फ़्लॉप हो जायेगा ?

अहमदाबाद। 25 अगस्त 2015 को जिस हार्दिक पटेल ने जीएमडीसी में ग्राउंड सम्मेलन किया था, तब उसके साथ 25 लाख पाटीदार थे। आज उनके साथ 4 सांसदों के अलावा केवल 100 पाटीदार ही हैं। वैसे सरकार ने हार्दिक को उपवास की अनुमति नहीं दी है। इसलिए हार्दिक अपने घर पर ही अनशन करेंगे। उधर हार्दिक पटेल ने कहा है कि अनशन के दौरान अरविंद केजरीवाल, राज बब्बर और ममता बनर्जी, तेजस्वी और ठाकरे भी आएंगे। कई पाटीदारों को हिरासत में लिया गया

हार्दिक के उपवास में शामिल होने के लिए महेसाणा समेत गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से अहमदाबाद जा रहे पास नेताओं और पाटीदारों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। राज्य सरकार द्वारा हार्दिक को किसी भी स्थल की मंजूरी नहीं दी गई है। हार्दिक के पास जाने वाले लोगों के डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है। पूरे राज्य में धारा 144 लागू कर दी गई है।

उधर, हार्दिक पटेल ने दावा किया है कि उनके कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे तथा कांग्रेस नेता राजबब्बर शिरकत करेंगे। उनकी इन सभी से बात हुई है और वे 27 अगस्त से एक-एक कर इसमें आएंगे।

इस बीच, गांधीनगर जिला प्रशासन ने भी उनके अनशन की अनुमति देने से शनिवार को इनकार कर दिया।

हार्दिक ने पहले अहमदाबाद के पाटीदार बहुल नारोल में अनशन के लिए स्थान की मांग की थी और बाद में राजधानी गांधीनगर के सत्याग्रह छावनी मैदान की मांग की, पर प्रशासन ने इसकी मंजूरी नहीं दी। हार्दिक की समर्थक माने जाने वाली विपक्षी कांग्रेस पार्टी के 21 विधायकों ने भी सरकार से उनके कार्यक्रम को मंजूरी देने की मांग की थी।

हार्दिक ने सरकार के अहमदाबाद में निषेधाज्ञा लगाने के फैसले पर भी सवाल उठाया और कहा कि ऐसा उनके आंदोलन को विफल करने के प्रयास के तहत किया गया है। इस बीच हार्दिक की पूर्व सहयोगी और अब भाजपा में शामिल रेशमा पटेल ने दावा किया कि हार्दिक किसी तरह अपना नाम बनाए रखने के लिए यह शिगूफा छोड़ रहे हैं।