आयुष्मान भारत योजना में दूसरी बार इलाज कराने के लिए आधार होगा जरूरी

नई दिल्ली. आयुष्मान भारत के अंतर्गत पहली बार इलाज कराने पर आधार भले ही अनिवार्य न हो, लेकिन दूसरी बार इस योजना का लाभ लेने के लिए आधार देना होगा।

आयुष्मान भारत योजना के सीईओ इंदु भूषण के मुताबिक, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें आधार योजना को संवैधानिक माना गया है। उन्होंने बताया, हम सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पढ़ रहे हैं।

भूषण ने बताया कि इस योजना का पहली बार लाभ लेने के लिए लाभार्थी आधार या अन्य कोई पहचान दस्तावेज जैसे वोटर कार्ड दे सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को झारखंड में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेवाई) यानी आयुष्मान भारत की शुरुआत की थी।

मोदी सरकार का दावा है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसके तहत गरीब परिवार के हर सदस्य को सरकारी या निजी अस्पताल में सालाना पांच लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त मिलेगा। सरकार ने इस योजना का ऐलान फरवरी में किया था।

सरकार का दावा है कि पीएमजेवाई का लाभ 10.74 करोड़ परिवारों के करीब 50 करोड़ सदस्यों को मिलेगा। मोदी सरकार ने इस योजना के लिए 10 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।