अब शिमला के लोगों को मिलेगा बैक्टीरिया और वायरस मुक्त पानी, 322.5 करोड़ की परियोजना तैयार

65

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि उपभोक्ताओं को गुणात्मक पेयजल देने के लिए जल उपचार संयंत्र के स्तरोन्न्यन यानी यूवी उपचार और क्लोरीनेशन मार्च तक पूरी हो जाएगी। इससे लोगों को बैक्टीरिया और वायरस मुक्त पानी मिलेगा।

शहर के लिए पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए दीर्घकालिक कार्य योजना के तहत सतलुज नदी से जलापूर्ति योजना के फिल्ट्रेशन के लिए 322.5 करोड़ रुपये की परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप दिया है।

यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला शहर में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को शिमला में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्य पाइप लाइनों के साथ वितरण लाइनों से रिसाव को प्लग करने के निर्देश भी दिए। यह महत्वाकांक्षी परियोजना दिसंबर 2021 तक पूरी होगी और शिमला शहर में 24 घंटे पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

इस संवर्द्धन परियोजना के पूरा होने के बाद शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड वितरण नेटवर्क के सुधार के लिए काम करेगा। इसके लिए सलाहकार की ओर से बोली दस्तावेज तैयार किए हैं और यह कार्य मार्च 2024 तक पूरा हो जाएगा।

सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि अल्पकालिक उपायों के तौर पर 17 एमएलडी की कुल क्षमता के साथ फीडर लाइन सहित नौ भंडारण टैंकों का निर्माण भी किया जाएगा। सात साइटों को अंतिम रूप दिया है और 25.50 करोड़ रुपये खर्च कर कार्य अप्रैल 2019 तक पूरा किया जाएगा।

रिसाव को कम करने के लिए स्नोडाउन पंप हाउस में राइजिंग मेन और पंपिंग मशीनरी को बदला जाएगा। सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से 63 करोड़ रुपये की लागत से सतलुज से जलापूर्ति योजना गुम्मा का संवर्द्धन किया जा रहा है।